आजा अपने धर्म की तू राह में | Aja Apane Dharm Ki Tu Rah Men

आजा अपने धर्म की तू राह में

आजा अपने धर्म की तू राह में, वो ही करे भव पार रे…
ढेरों जनम तूने भोगों में खोये..तूने भोगों में खोये
फ़िर भी हवस तेरी पूरी न होये..तेरी पूरी न होये
तज दे तू इनकी याद हो sss ।।आजा।।

तेरा जग में साथी यही ये एक धरम है
आशा जिसकी तू करता वो एक भरम है
झूठा है जग संसार हो sss ।।आजा।।

सुख होता जग में ना तजते फ़िर तीर्थंकर
तज धन मालिक ना रचते भेष दिगम्बर
जग में नहीं कुछ सार हो sss ।।आजा।।


स्रोत: जैन भजन पूजा पाठ, पृष्ठ १५७