आदम जन्म खोया तैं नाहक खटका रह जायगा
(राग भैरवी)
आदम जन्म खोया तैं नाहक खटका रह जायगा ।
कागके उड़ाने को मणि बगा पछतायेगा । । टेर ॥
सागर हरदो सहस्त्र में, षोडस जन्म है मानुष के ।
ताहि तू व्यतीत कर निगोद माहिं जायगा ॥ १ ॥
आर्य क्षेत्र जन्म पाना, तीन वरण का उपजाना ।
इन्द्रियावरण क्षयोपसमता यह अवसर न लहायगा ॥ २ ॥
सुगुरु सीख समझ अब आतम अनुभव करके देख तू ।
चैन तू शिवथान मांही शीघ्र ही हो जायगा ॥ ३ ॥
स्रोत: आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. श्री सौभाग्यमल जैन, पं. टोडरमल स्मारक ट्रस्ट, जयपुर, २००६), भजन ३१ (विभिन्न कवियों के भजन)
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