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ये बोल रिकॉर्डिंग से मशीन द्वारा लिखे गए हैं, इनमें अशुद्धियाँ हो सकती हैं।
यूं ही चली जायेगी आयु अनमोल ।
जग में रह जायेंगे जिनवाणी के बोल ।
यूं ही चली जायेगी आयु अनमोल ।
जग में रह जायेंगे जिनवाणी के बोल ।
आगामी भव की सोच रोयेगा तू यार ।
दुखड़े होंगे बहुत खायेगा तू मार ।
यूं ही चली जायेगी आयु अनमोल ।
जग में रह जायेंगे जिनवाणी के बोल ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
निज वैभव की महिमा तुझको कभी ना आई ।
ज्ञान स्वभावी चेतन प्रभु की बात न भाई ।
निज वैभव की महिमा तुझको कभी ना आई ।
ज्ञान स्वभावी चेतन प्रभु की बात न भाई ।
देह राग ना छूटे ये बंधन ना टूटे ।
और किसी ने कभी मुक्ति न पाई ।
करम के बंधन को तोड़े ना बैठा क्यों है यार ।
ज्ञायक से नाता जोड़ शिवपुर है अनमोल ।
यूं ही चली जायेगी आयु अनमोल ।
जग में रह जायेंगे जिनवाणी के बोल ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
पर पद में सुख को माना समय गवाया ।
चारों गति में भटक रहा और समझ न पाया ।
पर पद में सुख को माना समय गवाया ।
चारों गति में भटक रहा और समझ न पाया ।
मोह नींद को त्याग भेद ज्ञान को पाकर ।
सम्यक् दर्शन को है हमने पाया ।
अतिइंद्रिय आनंद की धारा से सुख मिल जाता है ।
आतम से नाता जोड़ शुद्धात्म अनमोल ।
यूं ही चली जायेगी आयु अनमोल ।
जग में रह जायेंगे जिनवाणी के बोल ।
आगामी भव की सोच रोयेगा तू यार ।
दुखड़े होंगे बहुत खायेगा तू मार ।
यूं ही चली जायेगी आयु अनमोल ।
जग में रह जायेंगे जिनवाणी के बोल ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
ला ला ल ल ल ला ।
सुनें:
स्रोत: Jain Kids Songs (Telegram चैनल)।
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