ये धर्म है आतमज्ञानी का | Ye Dharm Hai AatamGyani Ka

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जय हो

यह धर्म है आत्मज्ञानी का सीमंधर महावीर स्वामी का ।
इस धर्म का भैया जय हो ।
इस धर्म का भैया क्या कहना यह धर्म है वीरों का गहना ॥

जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ।
जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ॥

जय हो

यहाँ समयसार का चिंतन है यहाँ नियमसार का मंथन है ।
यहाँ रहते ज्ञानी जय हो ।
यहाँ रहते ज्ञानी मस्ती में मस्ती है स्व की अस्ति में ॥

जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ।
जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ॥

जय हो

अस्ति में मस्ती ज्ञानी की यहाँ बात है भेद विज्ञानी की ।
यहाँ झरते हैं झरने जय हो ।
यहाँ झरते झरने आनंद के आनंद ही आनंद आतम में ॥

जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ।
जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ॥

जय हो

यहाँ बाहुबली से ज्ञानी हुए यहाँ कुंदकुंद जैसे ज्ञानी हुए ।
यहाँ वीर प्रभु ने जय हो ।
यहाँ वीर प्रभु ने ये बोला मेरा जैन धर्म है अनमोला ॥

जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ।
जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ॥

यह धर्म है आत्मज्ञानी का सीमंधर महावीर स्वामी का ।
इस धर्म का भैया जय हो ।
इस धर्म का भैया क्या कहना यह धर्म है वीरों का गहना ॥

जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ।
जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ॥

जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ।
जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय हो जय ॥

सुनें:

स्रोत: Jain Kids Songs (Telegram चैनल)।

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