श्री वीर शासन जयन्ती
महावीर का शासन जयवंतो ।
जयवंतो श्री वीर का शासन जयवंतो ।। टेक ।।
अनेकांतमय वस्तु स्वरूप, स्याद्वादमय जिनवाणी ।
अहो ! अहिंसामयी धर्म नित जयवन्तो ।। 1 ।।
वीतराग सर्वज्ञ जिनेश्वर, समवशरण मंगलकारी।
श्री निर्ग्रन्थ मुनीश्वर, नित ही जयवन्तो ।। 2 ।।
सहज संयमी साधु आर्यिका, श्रावक और श्राविकाएँ।
संघ चतुर्विध, धर्म आयतन जयवन्तो ।। 3।।
अष्ट अंगमय सम्यग्दर्शन, आत्म ज्ञानमय सम्यग्ज्ञान ।
सम्यक् चारित्रमय, रत्नत्रय जयवन्तो ।। 4।।
क्षमा मार्दव और आर्जव, शौच सत्य संयम तप त्याग।
आकिंचन्य ब्रह्मचर्य सहज ही जयवन्तो ।। 5।।
जिनशासन सब ही प्रगटावें, निजानंद में तृप्त रहें।
पावें शिव साम्राज्य सदा ही जयवन्तो ।। 6।।
Vocal: Suchi Jain Bhind
Artist: Br. Ravindra Ji ‘Aatman’