शास्त्राभ्यास से होने वाले दस लाभ | Shastraabhyas se hone wale Das labh

शास्त्राभ्यास से होने वाले दस लाभ –

  1. क्रोधादि कषायों की मंदता होती है।

  2. पाँच इन्द्रियों के विषयों में प्रवृत्ति रुकती है।

  3. अति चंचल मन भी एकाग्र होता है।

  4. हिंसादि पाँच पाप नहीं होते।

  5. अल्प ज्ञान होने पर भी त्रिलोक के त्रिकाल संबंधी समस्त चराचर पदार्थों का जानना होता है।

  6. हेय उपादेय की पहचान होती है।

  7. आत्मज्ञान सन्मुख होता है या ज्ञान आत्मसन्मुख होता है।

  8. अधिक-अधिक ज्ञान होने पर आनंद उत्पन्न होता है।

  9. लोक में महिमा, यश, विशेष होता है।

  10. सातिशय पुण्य का बन्ध होता है।

इसलिए जिनवाणी का अभ्यास निरंतर करना ही चाहिए।