साधना के रास्ते, आत्मा के वास्ते | sadhna ke raste aatma ke vaste

साधना के रास्ते, आत्मा के वास्ते चल रे राही चल।
मुक्ति की मंजिल मिले, शान्ति की सरसिज खिले।।
चल रे राही चल।।टेक।।

कौन है अपना यहाँ, किसको पराया हम कहें।
एक की आखों में खुशियां, एक के आँसू बहैं।।।
आत्म के मंदिर चले, ज्योति से ज्योति जले।
चल रे राही चल।।१।।

ज्ञान ही अज्ञान था, तो भटकते ये हर जनम।
छल कपट माया दुराचार, कर रहे थे हर कदम।।
बात हो कल्याण की, हो शरण भगवान की
चल रे राही चल।।२।।

आत्मा का ज्ञान हो आत्मा का ध्यान हो,
आत्मा से ही मेरी संसार में पहचान हो,
आत्मा में दिन उदय हो आत्मा में रात हो
चल रे रही चल ।। ३।।

आत्मा की भावना में ही मेरा अवसान है,
आत्मा के ध्यान में ही मेरा पुनःउत्थान है,
आत्मा का रहे चिंतन, आत्मा में लीन हो,
आत्मा परमात्मा के रूप में ही लीन ह।।
चल रे रही चल ।। ४।।

Singer: @Asmita_Jain

9 Likes

Writer please.