साधना जैन मुनियों की बड़ी भारी है, कर न सकें संसारी हैं
छ: काया की रक्षा करना काम बड़ा मुश्किल है
सपने में भी किसी जीव का नहीं दुखाना दिल है
साधना जैन मुनियों…
झूठ ना बोले सूक्ष्म भी चोरी नहीं है करनी
मन वाणी और काया अपनी सदा सत्य से भरनी
साधना जैन मुनियों…
ब्रह्मचर्य का पालन करना, व्रत सबसे सुखकर है
पार भुजाओं से कर लेना, सागर ये दुस्तर है
साधना जैन मुनियों…
पैसे को नहीं हाथ लगाना, आवश्यकता कम हो
ज्ञान ध्यान का धन पाने में ही सारा परिश्रम हो
साधना जैन मुनियों…
केशलोंच हो पैदल यात्रा, गर्मी सर्दी सहना
नहीं ढूंढ़ना सुविधाओं को मर्यादा में रहना
साधना जैन मुनियों…
स्वर: ज्योति मित्तल
रचयिता : श्री रामप्रसाद जी महाराज " भगवन् श्री