ऋषभ पधारे भैय्या आज, बाजे रे बाजे शहनाई-२
म्हारा प्रभुजी अयोध्या वाला, मरुदेवी का प्यारा २ लाल
गाओ - रे गाओ सब भाई ॥
आदि प्रभु आदि तीर्थंकर, स्वर्गों से पधारे है आज
नाचो रे नाचो सब भाई ॥१॥
नाभिराय राजा के नंदन, वन्दन शत शत बार
जय-जय बोलो सब भाई ॥२॥
म्हारा प्रभुजी अन्तरदृष्टि, सर्वज्ञ अरु वीतराग
बजाओ भाई शहनाई ॥३॥
आदि प्रभुजी की मनहर मूरत, समवशरण आयो आज
जयकार करो सब भाई ॥४॥
देव-देवियां रत्न बरसावे, केशर की छोड़ो पिचकारी
आओ रे आओ सब भाई ॥५॥
धन्य हो गये ते परमाणु जिन, प्रभु की देह रचाई
नाचो रे नाचो सब भाई ॥६॥
देव दुन्दुभी स्वर्गों में बाजे, हमने धरती पे धूम मचाई
जय-जय बोला सब भाई ॥७॥
स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन (२०२४), पृष्ठ १४२ से १४३
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