पंडित मांगीलाल जी | Pandit Mangilal ji

[पंडित मांगीलाल जी का जीवन परिचय]

पंडित मांगीलाल जी का जन्म 1 जनवरी 1928 को मध्य प्रदेश के कोलारस नगर में हुआ। आपके पिता श्री प्रसादी लाल जी और माता श्रीमती जैनमती बाई थीं। आपने आठवीं कक्षा तक शिक्षा प्राप्त की।

माता पिता के गहरे जैन संस्कारों के कारण बचपन से ही रात्रि भोजन त्याग आदि नियमों का पालन होता रहा। जिन मंदिर की गतिविधियों में भाग लेना और धार्मिक परीक्षाएं देना आपको प्रिय रहा। बालबोध भाग 1, 2, 3, छहढाला और द्रव्य संग्रह की परीक्षाओं में आपने प्रथम स्थान प्राप्त किया। पिता की बीमारी के कारण बचपन और युवावस्था संघर्ष में बीते।

जीवन का मुख्य परिवर्तन पूज्य गुरुदेव श्री कानजी स्वामी के समागम से हुआ। सोनगढ़ में उनके प्रवचन सुनकर आप मंत्रमुग्ध हो गए और फिर तत्त्वज्ञान के रंग में ऐसे रंगे कि प्रतिवर्ष सावन माह में दुकान बंद करके सोनगढ़ पहुँच जाते और दसलक्षण पर्व तक वहीं रहकर आत्माराधना करते।

आप मधुर कंठ के धनी हैं और पुराने कवियों के भजन अत्यंत भक्ति भाव से गाते हैं, इसलिए आपको कोकिलकंठी भी कहा जाता है। गुरुदेव श्री के सम्मुख आपने एक भजन गाया तो उन्होंने बहुत सराहना की। 1995 से व्यापार से निवृत्त होकर आप सोनागिर में स्थाई रूप से रहने लगे। प्रतिदिन प्रक्षाल पूजन, गुरुदेव श्री के प्रवचन और शास्त्र स्वाध्याय आपके जीवन का सौंदर्य है।

1 Like