पंच प्रभु के संग | Panch Prabhu ke Sang |

पंच प्रभु के संग हमको रहना है,
जिनवाणी माता ही सच्ची शरणा है
इसकी चर्चा चर्या में रहना है। पंच प्रभु के…

वाणी जो सुने तो खिलेंगे समकित फूल,
बात जो माने तो हटेंगे मिथ्याशूल ।
आतम की साधना हर क्षण करना है,
जिनवाणी माता ही सच्ची शरणा है,
इसकी चर्चा - चर्या में रहना है। पंच प्रभु के…

अरिहंतो को जानो, अपने को पहिचानो,
सिद्ध प्रभु के जैसा, अपने को तुम मानो,
मुनिवर के जैसा अब हमको बनना है,
जिनवाणी माता ही सच्ची शरणा है,
इसकी चर्चा - चर्या में रहना है। पंच प्रभु के…

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