पंच-परमेष्ठी वंदना | Panch-parmesthi Vandana

पंच-परमेष्ठी वंदना

अरहन्त सिद्ध सूरि उपाध्याय साधु सर्व,
अर्थ के प्रकाशी मांगलिक उपकारी हैं |

तिनको स्वरूप जान राग तैं भई जो भक्ति,
काय को नमाय स्तुति को उचारी है ||

धन्य-धन्य तुमही से काज सब आज भये,
कर जोरि बार-बार वन्दना हमारी है |

मंगल कल्याण सुख ऐसो हम चाहत हैं,
होहु मेरी ऐसी दशा जैसी तुम धारी है ||

Artist - पं.श्री टोडरमलजी

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