पञ्च परम गुरूओं ने गाया जिनवाणी यश गान |
एक रहा है एक रहेगा वीतराग विज्ञान |
जीव एक नाना विधि योनी,
बहु विध कथा जिनागम की,
अलग-अलग भाँति विशेष है।
सुन्दरता परमागम की
इनके हर पृष्ठों में देखो जीव गुणों की खान ।। एक रहा है…(1)
समझायेंगे सब जीवों को
सोया ज्ञान जगायेंगे
सुखमय मुक्ति मार्ग दिलादे
ऐसा पाठ पढ़ायेंगे
हम रत्नत्रय से शोभित हो, जिनमत का आह्वान ।। एक रहा है … (2)
स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन (२०२४), पृष्ठ ७२
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