पहेली — दस लक्षण धर्म (उत्तर सहित)
प्रश्न १. मैं दसों धर्मों का मूल हूँ — मेरे बिना कोई धर्म टिकता नहीं। क्रोध मेरा शत्रु है, और मैं हज़ार संकटों को हर लेती हूँ। मैं कौन-सा धर्म हूँ?
उत्तर: उत्तम क्षमा — रत्नकरण्ड श्रावकाचार अनुसार क्षमा ही जिन धर्म का मूल है, क्रोध की विरोधी।
प्रश्न २. दस लक्षण धर्म में ‘मार्दव’ किस दोष के त्याग का नाम है?
उत्तर: मान / अहंकार का त्याग — मृदुता व विनम्रता का भाव।
प्रश्न ३. दशलक्षण पर्व कितने दिन का होता है, और उसका अंतिम दिन किस नाम से मनाया जाता है?
उत्तर: दस दिन, और अंतिम दिन क्षमावाणी पर्व के रूप में — जिसमें सब एक-दूसरे से क्षमा माँगते हैं।
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