न्यायविनिश्चयविवरण (आचार्य अकलंकदेव, टीका आचार्य वादिराजसूरि), भाग १ एवं २ | Nyayavinishchay Vivaran, Parts 1 and 2

न्यायविनिश्चयविवरण (आचार्य अकलंकदेव, टीका आचार्य वादिराजसूरि), भाग १ एवं २

मूल ग्रन्थ: न्यायविनिश्चय, आचार्य भट्ट अकलंकदेव
विवरण टीका: आचार्य वादिराजसूरि
सम्पादन: प्रो॰ महेन्द्रकुमार जैन न्यायाचार्य
प्रकाशक: भारतीय ज्ञानपीठ (मूर्तिदेवी ग्रन्थमाला)

आचार्य अकलंकदेव के न्यायविनिश्चय पर आचार्य वादिराजसूरि की विस्तृत संस्कृत टीका: प्रत्यक्ष, अनुमान और प्रवचन, इन तीन प्रस्तावों में प्रमाण का विवेचन।

Nyayavinishchay of Acharya Akalankdev with the Vivaran commentary of Acharya Vadirajsuri, edited by Prof. Mahendrakumar Jain Nyayacharya, in two parts.


:paperclip: मूल दस्तावेज़ (PDF):