न्यायकुमुदचन्द्र (आचार्य प्रभाचन्द्र), लघीयस्त्रय की टीका, भाग १ एवं २
मूल ग्रन्थ: लघीयस्त्रय (स्वोपज्ञ विवृति सहित), आचार्य भट्ट अकलंकदेव
टीका: न्यायकुमुदचन्द्र, आचार्य प्रभाचन्द्र
सम्पादन: पं॰ महेन्द्रकुमार न्यायशास्त्री
प्रकाशक: माणिकचन्द्र दिगम्बर जैन ग्रन्थमाला
आचार्य अकलंकदेव के लघीयस्त्रय पर आचार्य प्रभाचन्द्र की विशाल संस्कृत टीका, जैन न्याय का प्रमुख ग्रन्थ। प्रथम भाग में अकलंकदेव और प्रभाचन्द्र पर विस्तृत प्रस्तावना।
Nyayakumudchandra of Acharya Prabhachandra, the great commentary on Laghiyastraya of Acharya Akalankdev, edited by Pt. Mahendrakumar Nyayashastri (Manikchand Granthamala), two parts.
मूल दस्तावेज़ (PDF):
- प्रथम भाग, अंश १: Nyaykumudchandra_Bhag_01_part1.pdf (30.7 MB)
- प्रथम भाग, अंश २: Nyaykumudchandra_Bhag_01_part2.pdf (27.9 MB)
- द्वितीय भाग, अंश १: Nyaykumudchandra_Bhag_02_part1.pdf (31.7 MB)
- द्वितीय भाग, अंश २: Nyaykumudchandra_Bhag_02_part2.pdf (28.2 MB)