निराला की कहानियों में यथार्थवाद
वीर सागर जैन
शास्त्री, जैनदर्शनाचार्य, एम. ए., एम. फिल.
प्रकाशक: दी स्टूडेन्ट्स बुक कम्पनी
अनुक्रमणिका
- पृष्ठभूमि
- निराला के यथार्थवाद की जन्मभूमि : व्यक्तित्व एवं युगीन परिवेश
- प्रथम अध्याय यथार्थवाद : जन्म, स्वरूप एवं निकटस्थ सन्दर्भ
- द्वितीय अध्याय निराला की कहानियों में वस्तुगत यथार्थवाद
- तृतीय अध्याय निराला की कहानियों में जिल्यगत यथार्थवाद
- चतुर्थ अध्याय निराला की कहानियों में व्यंग्य और जीवन-संघर्ष
- सिंहावलोकन
- परिशिष्ट
- सहायक-ग्रन्थ-सूची
पूरी पुस्तक (PDF): निराला_की_कहानियों_में_यथार्थवाद.pdf (8.9 MB)