नवकार मंत्र की महिमा | Navkar mantr ki mahima

नवकार मंत्र की महिमा

जीवन चेतना और जीवन आधार समाया रहता है।
परमात्मा वंदन का शुभ विचार समाया रहता है।।
इस महामंत्र की महिमा का जग में कोई पार नहीं,
नवकार मंत्र में जैन धर्म का सार समाया रहता है।।

भव-भव के कटते बंधन और, प्रभु निकट हो जाते हैं।
होता है कर्म क्षरण और दूर, सब संकट हो जाते हैं।।
इसकी अलौकिक शक्ति में, संसार समाया रहता है।
नवकार मंत्र में जैन धर्म का सार समाया रहता है।।

मिट्टी काया भी इससे मानो, सच्चा जीवन पाती है।
काँटो के बीच यह आत्मा, पुष्पों का उपवन पाती है।।
जीवन कल्याण और जीवन, उद्धार समाया रहता है।
नवकार मंत्र में जैन धर्म का सार समाया रहता है।।

भवसागर भी तर जाये, महामंत्र में इतनी शक्ति है।
धन दौलत माया की नहीं, ये तो भावों की भक्ति है।
जिनशासन और जैनत्व का, संस्कार समाया रहता है।
नवकार मंत्र में जैन धर्म का सार समाया रहता है।।

मौलिक रचनाकार
अतुल जैन सुराणा
आष्टा जिला सीहोर मध्यप्रदेश - 466116

रचनाकार: अतुल जैन सुराना (Atul Jain Surana), अष्टा (म.प्र.)