माता थारी परिणति तत्त्वमयी | mata thari parinati tattvmayi

माता थारी परिणति तत्त्वमयी… -२
पायों जिनवचनों ना सार माता संग चर्चा मां… २
माता थारी परिणति तत्त्वमयी।टेक॥

समय नुसार आतम… समय नुसार आतम… माता मन भावें…
राग से भिन्न ज्ञायक मात बतलावें ॥
पायी तृप्ति अन्तर मां अविकारी माता संग चर्चा मां… २ ।
माता थारी परणति तत्त्वमयी…२
पायों जिनवचनों ना सार माता संग चर्चा मां… २
माता थारी परणति तत्त्वमयी…

शुद्ध स्वरूपी ज्ञायक… २ सहज अनूपा।
अरूपी अमूर्तिक सदा आनन्दरूपा॥
जाना निज स्वरूप सुखकार माता संग चर्चा मां…२
माता थारी परणति तत्त्वमयी…२
पायों जिनवचनों ना सार माता संग चर्चा मां… २
माता थारी परणति तत्त्वमयी…

जो न करे कर्म… जो न करे कर्म नोकर्म परिणाम।
मात्र जाने न करें ज्ञानी आतमराम ॥
पायों दिव्यध्वनि नों सार माता संग चर्चा मां… २
माता थारी परणति तत्त्वमयी…२
पायों जिनवचनों ना सार माता संग चर्चा मां… २
माता थारी परणति तत्त्वमयी…

रचयिता - डॉ. विवेक जैन, छिंदवाडा