मैं तो अपने आप से अनजान | Mai To Apne Aap Se Anjan

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मैं तो अपने आप से अनजान हो गया ।
रत्नत्रय सा प्यारा प्यारा धन खो गया ॥

सच्चा धरम अच्छा धरम जिनधरम को छोड़के ।
मिथ्या धरम मान लिया कुगुरु से नाता जोड़के ॥

मैं तो अपने आप से अनजान हो गया ।
रत्नत्रय सा प्यारा प्यारा धन खो गया ॥

मैं खाता हूँ मैं गाता हूँ मैं ही जीता खेल में ।
उल्टी बातें मान के पहुंचा चतुर्गति की जेल में ॥

मैं तो अपने आप से अनजान हो गया ।
रत्नत्रय सा प्यारा प्यारा धन खो गया ॥

महापुण्य से अब मैं आया जिनमंदिर के द्वार पे ।
वीतराग सर्वज्ञ को निरखा दो नैनों के द्वार से ॥

मैं तो अपने आप से अनजान हो गया ।
रत्नत्रय सा प्यारा प्यारा धन खो गया ॥

मां जिनवाणी शंकर के उद्धार हो गया ।
मुझे अपने रत्नों का भंडार मिल गया ॥
मैं तो अपने आप में निहाल हो गया ।
सम्यक् दर्शन करके मैं खुशहाल हो गया ॥

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स्रोत: Jain Kids Songs (Telegram चैनल)।

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