महावीर की अहिंसा | Mahavir ki ahinsa

महावीर ने चार सिद्धांत बताए,
अनेकांत, स्याद्वाद,
अहिंसा, अपरिग्रह कहलाए।
आओ पहले जानें हिंसा,
जीवन में अपनाएँ अहिंसा।
किसी जीव को मारना
और सताना हिंसा है।
इससे पाप भी बंधता है,
जी अनादिकाल में रुलाता है।
हम सब हिंसा छोड़ेंगे,
भव बंधन को तोड़ेंगे।
मुक्तिपुरी में जाएँगे,
सिद्धों सम बन जाएँगे।

रचनाकार: मोना जैन (Mona Jain), सर्वार्थसिद्धि, भोपाल