महाभाग्य जिनशासन पाया | Mahabhagya jinshashan paya

महाभाग्य जिनशासन पाया ज्ञानाम्यास करेंगे हम।
अपना मन नहीं भटकायेगें भेद विज्ञान करेगें हम।।टेक।।

अपना मन नहीं भटकायेंगें जिनवर पंथ चलेंगें हम ।
तत्त्व विचार करें अंतर में आतम अनुभव करेंगे हम ।।
भायेगें हम तत्त्व भावना समता भाव भजेगें हम ।।टेक।।

विषय कषाय परिग्रह तजकर निर्भय रूप धरेंगे हम
घोर परिषह उपसर्गों में ध्यान से नहीं चिगेंगे हम।।टेक।।
निज स्वभाव में लीन रहेंगे, अचल सिद्ध पद लहेंगे हम।।टेक।।