क्षमा | Kshama (अनुजा जैन)

क्षमा शब्द है बहुत बड़ा, यह शब्द नहीं साधारण है।
वीर का है यह आभूषण, इसको वीर ही धारण करता है।
क्षमा भाव रखने वाले को मिलता प्रेम अपार है।
वैर बढ़ता उलझन सारी, करता क्षमा निवारण है।
क्षमा दान देना औरों को, कायर का यह काम नहीं।
क्षमा माँगना छोटों से भी, यह इतना आसान नहीं।
कर सकता है वो ही ऐसा, वो जिसमें अभिमान नहीं।
क्षमावान के जैसी कोई, जग में ऊँची शान नहीं।
करके क्षमा सभी को हमको, क्षमा सभी को पाना है।
हर प्राणी के प्रति क्षमा का भाव हृदय में लाना है।
क्षमा
क्षमा शब्द है बहुत बड़ा, यह शब्द नहीं साधारण है।
वीर का है यह आभूषण, इसको वीर ही धारण करता है।
क्षमा भाव रखने वाले को मिलता प्रेम अपार है।
वैर बढ़ता उलझन सारी, करता क्षमा निवारण है।
क्षमा दान देना औरों को, कायर का यह काम नहीं।
क्षमा माँगना छोटों से भी, यह इतना आसान नहीं।
कर सकता है वो ही ऐसा, वो जिसमें अभिमान नहीं।
क्षमावान के जैसी कोई, जग में ऊँची शान नहीं।
करके क्षमा सभी को हमको, क्षमा सभी को पाना है।
हर प्राणी के प्रति क्षमा का भाव हृदय में लाना है।

रचनाकार: अनुजा जैन (Anuja Jain), सागर
Instagram: @anujaaa_25