काम मेरा है जानना | kama mera hai janana

काम मेरा है जानना, काम मेरा मात्र जानना - 2 ।

बस मैं चाहूँ, भगवन बनूँ और स्वपर का ज्ञान करूँ – 2 ।।
मैं तो ज्ञायक हूँ, और आत्मध्यान का ज्ञानी।
मुझे मुक्ति में जाना है, और बनना भेदविज्ञानी ॥
अपने तो चेतन को, मुक्ति के जीवों से।
मिलाना है अपने गुणों को।
मैं तो न धन चाहूँ, न अपनापन चाहूँ ।
एक मुक्ति को पाना है ॥


स्रोत: मङ्गल भक्ति सुमन