जन्मे महावीर भगवान, छाया जग में हर्ष महान | janme mahavira bhagavana chaya jaga mem harsha mahana

तर्ज : मेरे मन मंदिर में आन…

जन्मे महावीर भगवान, छाया जग में हर्ष महान।। टेक।।

भव्यजनों के तारणहार, प्रभुवर का अन्तिम अवतार।
मनायें वीर जन्म-कल्याण।। 1।।

इन्द्रादिक ने किया महोत्सव, ज्ञानानंदमय महा महोत्सव ।
जय-जय वीतराग विज्ञान।। 2।।

धर संयम संसार नशाया, मुक्तिमार्ग हमने भी पाया।
करते स्व-पर भेद विज्ञान।। 3।।

परम अहिंसा धर्म हमारा, तीर्थ हमें प्राणों से प्यारा।
साधें रत्नत्रय अम्लान ।। 4।।

आनन्दित हो प्रभु गुण गावें निशदिन आत्म भावना भावें।
होवें हम भी आप समान।। 5।।


स्रोत: जिन भक्ति सिंधु
Artist: ब्र. रवीन्द्रजी ‘आत्मन्’