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जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
पुण्य भाव में धर्म मानना सबसे बड़ी हैरानी है ॥
पुण्य भाव में धर्म मानना सबसे बड़ी हैरानी है ॥
ज्ञान दीप ले चल ।
ज्ञान दीप ले चल ।
बनकर रहो अचल ॥
सम्यक् दर्शन सम्यक् ज्ञान सम्यक् चारित्र कर ॥
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
चारों गतियों से टकराये नर्कों के दुःख झेले हैं ।
थावर विकलत्रय पशु गति आदि के पहने चोले हैं ॥
चारों गतियों से टकराये नर्कों के दुःख झेले हैं ।
थावर विकलत्रय पशु गति आदि के पहने चोले हैं ॥
जिनवर सच्चा बोल रहा है तत्व सभी आज़ाद हैं ।
जिनवर सच्चा बोल रहा है तत्व सभी आज़ाद हैं ॥
ज्ञान दीप ले चल ।
ज्ञान दीप ले चल ।
बनकर रहो अचल ॥
सम्यक् दर्शन सम्यक् ज्ञान सम्यक् चारित्र कर ॥
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
हम हैं शाश्वत आदि अन्त तक हम भगवन सम ज्ञानी हैं ।
हम निज से हैं निज के कारण निज के कर्तावान हैं ॥
हम हैं शाश्वत आदि अन्त तक हम भगवन सम ज्ञानी हैं ।
हम निज से हैं निज के कारण निज के कर्तावान हैं ॥
उपादान से कार्य हमारा कर्तापन अभिमानी है ।
उपादान से कार्य हमारा कर्तापन अभिमानी है ॥
ज्ञान दीप ले चल ।
ज्ञान दीप ले चल ।
बनकर रहो अचल ॥
सम्यक् दर्शन सम्यक् ज्ञान सम्यक् चारित्र कर ॥
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
पुण्य भाव में धर्म मानना सबसे बड़ी हैरानी है ॥
पुण्य भाव में धर्म मानना सबसे बड़ी हैरानी है ॥
ज्ञान दीप ले चल ।
ज्ञान दीप ले चल ।
बनकर रहो अचल ॥
सम्यक् दर्शन सम्यक् ज्ञान सम्यक् चारित्र कर ॥
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
जैन धर्म है हमको प्यारा हम इसके अनुयायी हैं ।
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स्रोत: Jain Kids Songs (Telegram चैनल)।