हमको कछु भय ना रे | Humko Kachhu Bhay Na Re

हमको कछु भय ना रे, जान लियौ संसार ।।टेक ।।

जो निगोद में सो ही मुझमें, सो ही मोक्ष मँझार ।
निश्चय भेद कछू भी नाहीं, भेद गिनैं संसार ।।1।।हमको…।।

परवश ह्वै आपा विसारिके, राग दोषकौं धार ।
जीवत मरत अनादि कालतें, यौंही है उरझार ।।2।।हमको…।।

जाकरि जैसैं जाहि समय में, जो होवत जा द्वार ।
सो बनि है टरि है कछु नाहीं, करि लीनौं निरधार ।।3।।हमको…।।

अग्नि जरावै पानी बोवै, बिछुरत मिलत अपार ।
सो पुद्गल रूपी मैं ‘बुधजन’, सबकौ जाननहार ।।4।।हमको…।।

Artist : श्री बुधजन जी

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