हे भगवान!
मैंने तुम्हारा वैराग्य देखा, मैं वैरागी हो जाऊँ
मैंने देखा तुम्हारा स्वरूप, तो तुम्हारे स्वरूप में समा जाऊँ
मैंने देखी तेरी वीतरागता तो मैं वीतरागी हो जाऊँ
और देखा मैने तुम को तो मैं तुम समान ही बन जाऊँ
AJ
rahiJain251
रचनाकार: राही जैन (Rahi Jain), हीरापुर
Instagram: @rahiJain251