तुम तुम तुम हम हम हम
नन्हे मुन्ने ज्ञायक हम।
छोटी-सी है देह हमारी,
पर मुझमें है ताकत भारी।।
चार गति की बला टालती,
जब ज्ञायक में थिरता मिलती।
मुनि बनेंगे हम हम हम,
सिद्ध बनेंगे हम हम हम..
Artist: बाल ब्र. श्री सुमत प्रकाश जी
Source: बाल काव्य तरंगिणी