ग्रन्थ परीक्षा (पं. जुगलकिशोर मुख्तार)
लेखक: पं॰ जुगलकिशोर मुख्तार
प्रकाशक: जैन विद्यापीठ, सागर (म॰ प्र॰)
संस्करण: २०१७ (आवृत्ति ११००)
उमास्वामि-श्रावकाचार, कुन्दकुन्द-श्रावकाचार, जिनसेन-त्रिवर्णाचार, भद्रबाहुसंहिता आदि ग्रन्थों की परीक्षा, जो भूमिका के अनुसार बड़े आचार्यों के नाम से रचे गए और जैनदर्शन की मूल मान्यताओं के विरुद्ध हैं। पहले चार भागों में छपी लेखमाला, यहाँ एक साथ।
Granth Pariksha by Pt. Jugalkishore Mukhtar: a critical examination of texts such as Umaswami Shravakachar, Kundkund Shravakachar, Jinsen Trivarnachar and Bhadrabahu Samhita. All four parts in one volume.
मूल दस्तावेज़ (PDF):
- Granth_Pariksha.pdf (1.8 MB)
भाग अनुसार पढ़ें:
- आद्य वक्तव्य, प्रास्ताविकी एवं अनुक्रमणिका
- १. ग्रन्थ परीक्षा: उमास्वामि श्रावकाचार
- २. ग्रन्थ परीक्षा: कुन्दकुन्द श्रावकाचार
- ३. ग्रन्थ परीक्षा: जिनसेन त्रिवर्णाचार
- ४. ग्रन्थ परीक्षा: भद्रबाहु संहिता
- ५. ग्रन्थ परीक्षा: सोमसेन त्रिवर्णाचार
- ६. धर्मपरीक्षा की परीक्षा
- ७. अकलंक प्रतिष्ठापाठ की जाँच
- ८. पूज्यपाद उपासकाचार की जाँच
- ९. सूर्यप्रकाश परीक्षा (चर्चासागर के बड़े भाई की जाँच)