दही खाने में दोष? | Dahi Khane Mein Dosh?

दही ‘Lactobacillus’ bacteria से बनता हैं, तो क्या दही खाने में कोइ दोष नहीं है ??

आगम का refrence तो मेरे पास नही हैं , पर बैक्टिरिया से बनने के कारण में यह मानती हूँ के दही अभक्ष्य है।

तो क्या दही हम नही खा सकते?

I do eat. But according to me it is abhakshya.

मैने ऐसा सुना है कि 2 या 3 दिन तक खा सकते है उसके बाद अभक्ष्य हो जाता है।

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दही को आगमोक्त विधि से बनाया जाए तो २४ घंटे की मर्यादा रहती है, उसके बाद अभक्ष्य।
विधि : गाय के दूध को दुहने के दो घड़ी (४८ मिनट) में उबाल लीजिए, फिर हल्का ठंडा होने पर उसमें पूजा बादाम या बीच से विभाजित बीज सहित हरी मिर्च या नारियल की नरेट्टी (सूखे नारियल का खोल)या श्वेत पाषाण का टुकड़ा आदि डालकर दही जमा लीजिए, ऐसा दही भक्ष्य है। जामन से जमाया गया दही अभक्ष्य है।

कच्चे दूध की मर्यादा दुहने के ४८ मिनट तक ही है, उसके बाद दूध सर्वथा अभक्ष्य है फिर उसका बनाया दही भी पूरी तरह अभक्ष्य होता है।