चन्द्रप्रभचरितम् (श्री वीरनन्दि), हिन्दी अनुवाद सहित
रचयिता: श्री वीरनन्दि
व्याख्या: मुनिचन्द्र कृत विद्वन्मनोवल्लभा व्याख्या एवं गुणनन्दि कृत पञ्जिका सहित
सम्पादक: पं॰ अमृतलाल शास्त्री, जैनदर्शनाचार्य, साहित्याचार्य
ग्रन्थमाला: जीवराज जैन ग्रन्थमाला
पृष्ठ: ६०५
मूल दस्तावेज़ (PDF):
- Chandraprabhacharitam_Virnandi.pdf (60.6 MB)