बिल्ली बोली चूहे राजा | Billi Boli Choohe Raja

बिल्ली बोली चूहे राजा बाहर आ जा रे
बिल्ली बोली चूहे राजा बाहर आ जा रे
उत्तम क्षमा का पर्व आया क्षमा कर जा रे
बिल्ली बोली चूहे राजा बाहर आ जा रे।।

चूहा बोला मैं ना आऊँ तू खाए रे, तू खाए रे
उत्तम क्षमा के ही बहाने तू जो पाए रे, तू जो पाए रे
उत्तम क्षमा का पर्व आया क्षमा कर जा रे
बिल्ली बोली चूहे राजा बाहर आ जा रे।।१।।

बिल्ली बोली अब तक खाया अब न खाऊँ रे, अब न खाऊँ रे
जन्म मरण का अंत करके अब न रोऊँ रे, अब न रोऊँ रे
उत्तम क्षमा का पर्व आया क्षमा कर जा रे
बिल्ली बोली चूहे राजा बाहर आ जा रे।।२।।

चूहा आया गोद समाया मन भर खेला रे, मन भर खेला रे
बिल्ली ने उसे दी मिठाई हिंसा तज कर रे, हिंसा तज कर रे
उत्तम क्षमा का पर्व आया क्षमा कर दिया रे
बिल्ली बोली चूहे राजा बाहर आ जा रे।।३।।

अचरज जगत् को हो रहा ये क्या हो गया है, ये क्या हो गया है
एक अहिंसक मुनि विराजे जिन धर्म कृपा से, जिन धर्म कृपा से
उत्तम क्षमा का पर्व आया बैर तज दो रे
बिल्ली बोली चूहा बोला उत्तम क्षमा रे।।४।।

उत्तम क्षमा का पर्व आया बैर तज दो रे
बिल्ली बोली चूहा बोला उत्तम क्षमा रे
बिल्ली बोली चूहा बोला उत्तम क्षमा रे।।

स्वर / प्रस्तुति: Vikas Jain
एल्बम: Tumhe Veer Banna Hai (बच्चों के जैन गीत)

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