भारतीयचिन्तने स्याद्वादः (सं. डॉ. वीरसागर जैन) | Bharatiyachintane Syadvadah

भारतीयचिन्तने स्याद्वादः

सम्पादकः प्रो. वीरसागर जैनः
प्रधानसम्पादकः प्रो. राधावल्लभत्रिपाठी
सहसम्पादकौ डॉ. अनेकान्तकुमारजैनः, डॉ. कुलदीपकुमारः
प्रकाशक: श्रीलालबहादुरशास्त्रीराष्ट्रियसंस्कृतविद्यापीठम् (मानित-विश्वविद्यालयः) नवदेहली-16
प्रकाशनवर्षः - 2013

अनुक्रमणिका

  1. जैनदर्शने स्याद्वादः - माणिक्यचन्द्रः कोन्नेयो न्यायाचार्यः
  2. न्यायदर्शनरीत्या स्याद्वादसमाक्षा - प्रो. पीयूषकान्तिदीक्षितः
  3. जैनवाङ्मये स्याद्वादः वेदान्तश्च - प्रो. शुद्धानन्दपाठकः
  4. काश्मीरशैवदर्शनदिशा स्याद्वाद- समीक्षाणम् - प्रो. हरेशरामत्रिपाठी
  5. भारतीयतत्त्वचिन्तने अनेकान्तवादः तत्त्वानुसन्धानञ्च - डॉ. महानन्दझाः
  6. तार्किकदृष्ट्या स्याद्वादसमीक्षणा - डॉ. रामचन्द्रशर्मा
  7. सांख्ययोगदर्शने स्याद्वादः - डॉ. रविकरशुक्लः
  8. स्याद्वादस्य बौद्धदर्शनोपाधदिशा समीक्षाणम् - डॉ. प्रभाकरप्रसादः
  9. समन्वयवादः स्याद्वादः - डॉ. जवाहरलालः
  10. स्याद्वादसन्दर्भे नैयायिकानां दृष्टिः - डॉ. विष्णुप्रसादमहापात्रः
  11. विशेषधर्मसमन्वयेऽनेकान्तम् - डॉ. अनेकान्तकुमारी जैनः
  12. आत्मानुमायां स्याद्वादः - -प्रस्तुतः
  13. विभिन्नक्षेत्रेषु स्याद्वादः - -सत्यवान्
  14. जैनदर्शने स्याद्वादस्य विमर्शः - दीपककुमारद्विवेदी
  15. अनेकान्त की व्याख्या - -प्रो. दयानन्द भार्गव
  16. अनेकान्तवाद का स्वरूप और उसके तार्किक आधार - -प्रो. धर्मचन्द जैन
  17. वाचिक सहिष्णुता का सिद्धान्त - प्रो. सुदीप जैन
  18. स्याद्वाद और विशिष्टाद्वैत - प्रो. केशरप्रसाद अरोड़ा
  19. जैन दर्शन के परिप्रेक्ष्य में स्याद्वाद - प्रो. महेशप्रसाद सिद्दीकी
  20. स्याद्वाद : दृष्टान्त के प्रयोग - साओजी साधना
  21. शास्त्रीय संगीत एवं स्याद्वाद - डॉ. जयकुमार उपाध्याय
  22. स्याद्वाद के अनूठे प्रयोग - डॉ. राकेश जैन शास्त्री
  23. आधुनिक विज्ञान में स्याद्वाद का प्रयोग - डॉ. संजय शाह
  24. समस्याओं के समाधान में स्याद्वाद की भूमिका - डॉ. ममता जैन
  25. अनेकान्त-स्याद्वाद का स्वरूपः महाव्रत के विशेष संदर्भ में - डॉ. योगेश कुमार जैन
  26. बीसवीं शताब्दी के प्रमुख जैनाचार्यों के चिन्तन में स्याद्वाद - रामनरेश जैन
  27. स्याद्वाद का व्यापक दृष्टिकोण - अरिहन्त कुमार जैन
  28. अनेकान्त एवं स्याद्वाद : स्वरूप-विवेचन - डॉ. कल्पना जैन
  29. अनेकान्त-स्याद्वाद पर उपलब्ध सामग्री - डॉ. कुलदीप कुमार
  30. अनेकान्त तथा स्याद्वाद - डॉ. देवेन्द्र प्रसाद मिश्र
  31. आचार्य अकलंक के ग्रन्थों में स्याद्वाद - अंजेश कुमार जैन
  32. प्राकृत-साहित्य में स्याद्वाद - -दिनेश
  33. जैन दर्शन में स्याद्वाद की उपयोगिता - -प्रियंका शर्मा
  34. ‘तत्त्वार्थराजवार्तिक’ में स्याद्वाद - -प्रेमलता
  35. जैनदर्शन में स्याद्वाद का स्वरूप - -कविता देवी
  36. स्याद्वाद में ‘स्यात्’ पद का औचित्य - -रवि भूरिया
  37. स्याद्वाद : निष्पक्ष विद्वानों की दृष्टि में - -प्रो. वीरसागर जैन

:paperclip: पूरी पुस्तक (PDF): bhartiye chintan.pdf (0.7 MB)