भक्ति से जिनवर के । Bhakti Se Jinvar Ke

बालगीत-1

भक्ति से जिनवर के दर्शन करेंगे ।
अपना प्रभु अपने में देखेंगे हम ।।

गुरुवर की उत्तम संगति करेंगे ।
अपना गुरु अपने में देखेंगे हम ।।

जिनवाणी साँची माता हमारी ।
पढ़ेंगे और सबको पढ़ायेंगे हम ।।

परम पुरुष जो हुए अलौकिक ।
आदर्श उनको बनायेंगे हम ।।

अन्तर्मुख होकर अनुभव करेंगे ।
अपने को आत्मा देखेंगे हम ।।

परभावों से न्यारा सहज अकर्ता ।
अपने को ज्ञाता देखेंगे हम ।।

जन्मते-मरते, मिलते बिछड़ते ।
देहादि को न्यारा देखेंगे हम ।।

मोहादि दुर्भाव दु:ख के हैं कारण ।
स्वाश्रय से इनको छोड़ेंगे हम ।।

परमार्थ रत्नत्रय शिवसुख का कारण ।
अन्तर में स्वाश्रय से पायेंगे हम ।।

अवसर न चूकें पुरुषार्थ करके ।
मुक्तिपुरी को जायेंगे हम ।।

Singer - @Atmarthy_Ayushi_Jain

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