अवसर चूक जाने योग्य नहीं है | Avsar chuk jane yogy nahin hai

परिणाम को बदलने की सामर्थ्य कहाँ?
अभिप्राय को बदलने की सामर्थ्य कहाँ?
पारिणामिक भाव का आश्रय लेकर तो देखो।
अनंत सुख को भोग कर तो देखो।।
अवसर वापस आने वाला नहीं है।
परिणाम जाने वाला नहीं है।।
सम्यग्दर्शन प्राप्त करने का समय आया है।
दसलक्षण महापर्व एक बार फिर आया है।।

रचनाकार: परिणति जैन (Parinati Jain), फुटेरा
Instagram: @parinatiJain_28