अरिहंत जय जय…
अरिहंत जय जय, सिद्ध प्रभु जय जय।
सर्व साधु जय जय, जिन धर्म जय जय।।
अरिहंत मङ्गल, सिद्ध प्रभु मङ्गल।
सर्व साधु मङ्गल, जिनधर्म मङ्गल।।१।।
अरिहंत उत्तम, सिद्ध प्रभु उत्तम।
सर्व साधु उत्तम, जिनधर्म उत्तम।।२।।
अरिहंत शरणा, सिद्ध प्रभु शरणा।
सर्व साधु शरणा, जिनधर्म शरणा।।३।।