अरिहंत गाऊँ सिद्धों को ध्याऊँ | Arihant Gau Siddho Ko Dhyau

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अरिहंत गाऊं
सिद्धों को ध्याऊं
आचार्यों को
शीश नवाऊं ।

अरिहंत गाऊं
सिद्धों को ध्याऊं
आचार्यों को
शीश नवाऊं ।
उपाध्यायों के दर्शन पाऊं ।
सर्व साधु के रंग में रंग जाऊँ ॥

अरिहंत गाऊं
सिद्धों को ध्याऊं
आचार्यों को
शीश नवाऊं ।

पंच प्रभु का ध्यान धरेंगे ।
परमेष्ठियों का मनन करेंगे ॥
केसरिया रंग में रंग दो चुनरिया ।
झूम जाऊँ मैं बनके बावरिया ॥
ज्ञान की भर दो आज गगरिया ।

अरिहंत गाऊं
सिद्धों को ध्याऊं
आचार्यों को
शीश नवाऊं ।
उपाध्यायों के दर्शन पाऊं ।
सर्व साधु के रंग में रंग जाऊँ ॥
अरिहंत गाऊं
सिद्धों को ध्याऊं
आचार्यों को
शीश नवाऊं ।

यह विधि मंगल आरती कीजे ।
पांचों परम पद भज सुख लीजे ॥
सांझ सवेरे जो आरती करता ।
जन्म वो अपना सफल भी करता ॥
सुमरि सुमरि कर जाप जो जपता ।

अरिहंत गाऊं
सिद्धों को ध्याऊं
आचार्यों को
शीश नवाऊं ।
उपाध्यायों के दर्शन पाऊं ।
सर्व साधु के रंग में रंग जाऊँ ॥
अरिहंत गाऊं
सिद्धों को ध्याऊं
आचार्यों को
शीश नवाऊं ।

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स्रोत: Jain Kids Songs (Telegram चैनल)।