अहिंसा की राह कठिन सही
पर सबसे सुंदर पंथ यही
न क्रोध जले, न द्वेष पले
हर मन में प्रेम का दीप जले
महावीर का यही संदेश
दया बने जीवन का परिवेश
हर जीव में अपनी आत्मा मानो
किसी को कभी न पीड़ा जानो
क्षमा, करुणा, मैत्री का सार,
यही जैन धर्म का सच्चा आधार
जो अहिंसा को जीवन में उतारे
वही मोक्ष की राह सँवारे
arjavvocals
रचनाकार: आर्जव जैन (Arjav Jain), दिल्ली
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