आध्यात्मिक भजन संग्रह (सं. डॉ. वीरसागर जैन) | Adhyatmik Bhajan Sangrah

आध्यात्मिक भजन संग्रह

सम्पादक: डॉ. वीरसागर जैन
प्रकाशक: कुन्दकुन्द भारती
प्रथम आवृत्ति, महावीर जयन्ती 2009 ई., प्रतियाँ 1000

अनुक्रमणिका

    1. अरिहंत पिताजी तेरे (लोरी)
    1. भजन गीत (कुन्दकुन्द भारती का शुभ भजन का)
    1. भक्त जी घर ही में वैरागी
    1. जय जय श्री आदि देव
    1. ओ जगत् के शक्तिदाता
    1. तुम से लागी लगन
    1. जय जिनेंद्र, जय जिनेंद्र
    1. भजन से सब दुख भगे
    1. भजन से सब दुख भगे
    1. मेरे घट में आनंद छायो
    1. हरी है पुष्प क्यों
    1. मेरे मन में आनंद छायो
    1. जिन दिनकर कर तू सुखदायी का
    1. मेरे मन में आनंद छायो
    1. जिही ने नेमिनाथ देव
    1. जिनेंद्र देव अरिहंत
    1. दर्द बिना कोई नहीं जाने
    1. कलकत्ता भजन कोई भूल न दे
    1. मेरे मन में आनंद छायो
    1. मन में जादू जग, कोई नहीं मेरा रे
    1. मेरे मन में आनंद छायो
    1. अब हम अमर क्यों न भगे
    1. चलो चलो मुनिराज के दर्शन में
    1. मेरे मन में आनंद छायो
    1. अज्ञानी हम बहुत न करें
    1. मेरे मन में आनंद छायो
    1. अब के ऐसी दिवाली मनाओ

:paperclip: पूरी पुस्तक (PDF): भजन संग्रह.pdf (0.3 MB)