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ये बोल रिकॉर्डिंग से मशीन द्वारा लिखे गए हैं, इनमें अशुद्धियाँ हो सकती हैं।
छोटे छोटे बच्चे हैं, ज्ञान में थोड़े कच्चे हैं।
आओ पाठशाला चलें हम, चलें हम, चलें हम।
क्या कहता है जैन धर्म?
हिंसा, झूठ, चोरी, कुशील और परिग्रह।
पांच पापों से रहना सदा बचकर॥
जीवन में इनको अगर अपनाओगे।
नरकों के दुख से ना बच पाओगे॥
ऐसा कहता है ये जैन धर्म।
छोटे छोटे बच्चे हैं, ज्ञान में थोड़े कच्चे हैं।
आओ पाठशाला चलें हम, चलें हम, चलें हम।
क्या कहता है जैन धर्म?
क्रोध, मान, माया, लोभ करना नहीं।
चार कषायों में तुम पड़ना नहीं॥
प्रभु भजन ही है सबसे बड़ा धन।
अंतिम क्षणों में बने सुख का साधन॥
ऐसा कहता है ये जैन धर्म।
छोटे छोटे बच्चे हैं, ज्ञान में थोड़े कच्चे हैं।
आओ पाठशाला चलें हम, चलें हम, चलें हम।
क्या कहता है जैन धर्म?
बुरे कर्मों की सजा बुरी पाओगे।
चार गतियों में फिर भरमाओगे॥
पुण्य उदय से मिला है नर तन।
मुक्ति का साधन है यह जीवन॥
ऐसा कहता है ये जैन धर्म।
छोटे छोटे बच्चे हैं, ज्ञान में थोड़े कच्चे हैं।
आओ पाठशाला चलें हम, चलें हम, चलें हम।
क्या कहता है जैन धर्म?
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स्रोत: Jain Digital Technology Foundation (YouTube चैनल)। Audio Credit: Preeti Cassette, Pradip Jain, Sagar।
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