आओ झूले मेरे चेतन | Aao Jhule Mere Chetan

आओ झूलें मेरे चेतन आतम भवन में ।
आतम भवन में चेतन अपने भवन में ॥टेक॥

काहे का वहाँ वृक्ष खड़ा है, काहे की झूल पड़ी वामें ?
सम्यक्दर्शन वृक्ष खड़ा है, ज्ञान की झूल पड़ी वामें ।
आओ झूलें मेरे चेतन आतम भवन में ॥१॥

काहे की वामें पटरी पड़ी है, कौन झुलावे वहाँ झूलना ?
चारित्र की वामें पटरी पड़ी है, अनुभव झुलावे वहाँ झूलना ।
आओ झूलें मेरे चेतन आतम भवन में ॥२॥

ऐसा झूला जो कोई झूले आनंद पावे आतम में ।
आनंद पावे आतम में, आनंद पावे आतम में ॥
आओ झूलें मेरे चेतन आतम भवन में ।
आतम भवन में चेतन अपने भवन में ॥३॥