या नित चितवो उठिकै भोर | Ya nit chitvo uthike bhor

budhjanji

#1

या नित चितवो उठिकै भोर |
मैं हूँ कौन कहां तैं आयो, कौन हमारी ठौर || टेक ||

दीसत कौन, कौन यह चितवत, कौन करत है शोर |
ईश्वर कौन, कौन है सेवक, कौन करे झकझोर || १ ||

उपजत कौन मरै को भाई, कौन डरे लखि घोर |
गया नहीं आवत कछु नाहीं, परिपूरन सब ओर || २ ||

और और मैं और रूप ह्वै, परनतिकरि लइ और |
स्वांग धरैं डोलौ याही तैं, तेरी ‘बुधजन’ भोर || ३ ||

Artist : कविवर पं. बुधजन जी