वृहत् जैनपद संग्रह | Vrihat Jain Pad Sangrah

वृहत् जैनपद संग्रह

प्रकाशक: जिनवाणी प्रचारक कार्यालय, कलकत्ता
पृष्ठ: 404

सार: अनेक जैन कवियों के पदों और भजनों का बड़ा संग्रह।


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