वेद उत्पत्ति का मूल स्रोत क्या है? | Ved Utpatti Ka Mul Srot Kya Hai?

वेद उत्पत्ति का मूल स्रोत क्या है?
क्या इनका संबंध जैन धर्म से है?

@anubhav_jain जी, जय जिनेन्द्र। श्रुतम् में शास्त्रों से जो मिला, वह यहाँ रख रहे हैं।

श्रुतम् के उत्तर का भाव यह है कि जैन धर्म वेदों से उत्पन्न नहीं है। वेदों में ऋषभदेव आदि तीर्थंकरों के नाम आते हैं, और पं. टोडरमल जी ने इसी से यह निष्कर्ष रखा है कि वेदरचना तीर्थंकरों के पीछे हुई।

मोक्षमार्ग प्रकाशक में अन्यमत के ग्रंथों से उद्धृत पाठ:

ओऽम् त्रैलोक्य प्रतिष्ठिान् चतुर्विशतितीर्थंकरान् ऋषभाद्यान् वर्द्धमानान्तान् सिद्धान् शरणं प्रपद्ये। ओऽम पवित्र नग्नमुपविस्पृसामहे एषां नग्नं येषां जातं येषां वीरं सुवीर … इत्यादि ।

(मोक्षमार्ग प्रकाशक प्रवचन भाग २, पृष्ठ १४६)

सो यहाँ जैन तीर्थंकरोंके जो नाम हैं उनके पूजनादि कहे। तथा यहाँ यह भासित हुआ कि- इनके पीछे वेदरचना हुई । इस प्रकार अन्यमतके ग्रन्थोंकी साक्षीसे भी जिनमतकी उत्तमता और प्राचीनता दृढ़ हुई।

(मोक्षमार्ग प्रकाशक प्रवचन भाग २, पृष्ठ १४७)

स्रोत: श्रुतम् (ऊपर दिए ग्रंथ और पृष्ठ)

साधर्मी जन से निवेदन: आदिपुराण में वर्ण व्यवस्था और ब्राह्मण वर्ण की स्थापना का जो प्रसंग आता है, उसे पर्व और श्लोक सहित यहाँ रखिए।