वे कौन से मुनिराज थे? - जैन स्वाध्याय सामग्री | Ve Kaun Se Muniraj The?

वे कौन से मुनिराज थे?

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आशीर्वाद

आचार्य श्री 108 सन्मति सागर जी महाराज (धसोनु)

संकलन

आर्यिका श्री 105 सरस्वती माता जी

मुद्रक : श्री वर्द्धमान प्रेस, नवीन शाहदरा, दिल्ली-32

वे कौन से मुनि राज थे

संकलन : आर्यिका श्री 105 सरस्वती माताजी

स्तुति

ने कौन से मुनि राज थे

आशीर्वाद

आचार्य श्री 108 सन्मति सागरजी महाराज

संकलन

आर्यिका श्री 105 सरस्वती माताजी

सौजन्य

स्व. श्री जगदीश प्रसाद जैन एवम् श्रीमती चन्दकला जैन
की पुण्य स्मृति में-सुपुत्रों-संदीप, राजीव, मुकुल जैन
(मदनगरा नगर, सोनी) के आर्थिक सहयोग से प्रकाशित

संस्करण

प्रथम 1000

प्राप्ति स्थान

  • आदि सागर सरस्वती ग्रन्थ माला समिति
    9/1982, गली न.-4, कैलाश नगर, दिल्ली-31
    फोन : 011-22071705, 9818837152

  • संजीव जैन
    ए-15, मदनगरा नगर, सोनी
    फोन : 95-120-2600610, 2603790

आशीर्वाद

वीतराग्य न्याय के प्रधान भूत ज्ञान की परम्परा और आचार्य परम्परा एक दूसरे के पूरक हैं “आचार्यत्वं प्रमादं प्रज्ञानाधीचारणात्” ।।1।। सम्यक् सम्यग्ज्ञानविद् गुणवान् हृदय प्रज्ञानि स्वयंभूत सुज्ञानुनि वीतराग्य भव्य वीतराग्य वा सागर (अ.सा.1/20) जितने व्रतों को धारण कर आचरण किया जाता है वे आचार्य हैं। जिन सम्यग्ज्ञान ज्ञान आदि गुणों के आधार पर भूत महापुरुषों से भव्य जीव स्वयं मोक्ष रूप अमृत के बीज भूत व्रतों को ग्रहण कर अपने हित के लिए आचरण करते हैं, व्रतों का पालन करते हैं वे जो दीक्षा देते हैं वे आचार्य कहलाते हैं।

वीतरागी धर्म में सर्वप्रथम आचार्य परम्परा के प्रणेता प.पू. मुनि कुंथु सागरजी परमेष्ठी आदि सागर अर्हत्सागर का नाम लिया जाता है उन्होंने अपनी आत्मज्ञान से अर्हत्ज्ञान आत्मा से उद्भूत सुज्ञान को जिस धर्म रत्न को संस्कृत मंगला शुभा 9 वि. स. 2565, उद्बोधन खण्ड फाल्गुन शुक्ला 9 वि.स. 2000 सं0 9543 प्रतिष्ठित विधान (संस्कृत) को भावाद शुक्ला 9 वि. स. 2000 सं0 9543, विधान (संस्कृत) को भावाद शुक्ला 8 वि. स. 2000 सन्मति (मराठी) को माघ शुक्ला 10 वि.स. 2000 अंतिम दिव्यध्वनि (कन्नड़) को पुण्य कृष्ण 13 वि. स. 2000, दिव्य देशना (कन्नड़) को मंगला शुभा 9 वि. स. 2000 को प्रतिपादित करने अपने ज्ञान में जन्म-जन्म में प्रसारित किया है।

इसी परम्परा को आचार्य भगवदीर कीर्ति ने फाल्गुन शुक्ला ग्यारह (11) संवत (स0) मार्च सन् 1945 को उदगाम में प. पू. मुनि कुंवर आचार्य परमेष्ठी आदि सागर अर्हत्ज्ञान से मुनि दीक्षा लेकर और इसी वर्ष चातुर्मास में गुरु के आचार्य पद पर श्री मोक्षशास्त्र (सोपज्ञ टीका) संस्कृत को फाल्गुन शुक्ला 11 वि. स. 2000 सन् 9543, शिव पद (टीका) को मंगला कृष्ण 10 वि. स. 2000 सन् 9543, वचनामृत पहला भाग नेमिदत्त अट्टारो को मंगला कृष्ण 10 वि. स. 2000, विजय धर्म रहस्य (हिन्दी टीका) को फाल्गुन शुक्ला 11 वि. स. 2000, प्रबुद्धित्त स्त्रोत (संस्कृत) मंगला शुक्ला 11 वि. स. 2018 स्वाध्याय ग्रन्थों को लिखा है। इस आचार्य परम्परा के साथ गुरु परम्परा में आगे बढ़ाया।

इसी कड़ी से जुड़े हुए निमित्त ज्ञान विशेषग्य आचार्य विनय सागर जी ने “आचार्य आदि सागर अर्हत्सागर की परम्परा और आचार्य शान्तिसागर जी (दक्षिण) की परम्परा युग में निर्मित चली आ रही है। बालाचार्य ने धर्मात्माना को” में इस शुद्ध में भूत परम्परा को उद्घाटित करने में अपना योगदान दिया है।

“वे कौन से मुनिराज थे” नामक प्रस्तुत पुस्तिका आर्यिका सरस्वती माताजी । पक्का ज्ञान आचार्य आदिसागर जी अर्हत्सागर की परम्परा से जुड़ा है। ज्ञान को दो भागों में विभाजित किया गया है, एक लौकिक रूप दूसरा निर्भय रूप। वस्तु का विवेचन दोनों से किया जाता है। पुस्तक में विविध घटनाओं के लिये प्रश्नवाचक विवेचन करके वस्तु का ज्ञान कराया जाता है। इस पुस्तक के माध्यम से मुनिराज का ज्ञान करके भव्य प्राणी सही दिशा प्राप्त करायेगा तथा इस काम को करने में सहयोग व पुस्तक प्रकाशन का उत्तम कार्य है, अतः प्रस्तुत कृति से संबंधित सभी शुभार्थीयों को मेरा मंगलमय आशीर्वाद है।

-आचार्य सन्मति सागर

संदेश

आज दिनांक २५-११-२००३ को समय के मध्य में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि आचार्य आदिसागर जी अनिश्चितकर की परम्परा और आचार्य शांतिसागर जी दक्षिण की परम्परा के विवाद के विषय में आचार्य महावीर कीर्ति जी की हस्तलिखित डायरी का पृष्ठ अनिश्चितकर वाणी अनुष्ठान मार के अंक में प्रकाशित तथा आचार्य शांतिसागर जी का संदेश २३-१०-१९६३ को प्रसारित एवं वक्ताओं के अनुसार आचार्य आदिसागर जी अनिश्चितकर का जन्म भाद्रपद शुक्ला ४ सन् १८८३, दीक्षा मार्गशीर्ष शुक्ला २ सन् १८९३ आचार्य पद ज्येष्ठ शुक्ला १ सन् १९१७, समाधि फाल्गुन कृष्णा ११ सन् १९४४ है। आचार्य शांति सागर जी दक्षिण का जन्म आषाढ़ कृष्णा ६ वि. स. १८८५, दीक्षा फाल्गुन कृष्णा १४ वि. स. १९०६ आचार्य पद अषाढ़ शुक्ला २ वि. स. १९०९ है। अतः आचार्य आदिसागर जी अनिश्चितकर के ६१ वां दीक्षा दिवस पर उदयपुर (राजस्थान) में दिगम्बर जैन समाज यह निर्णय करती है कि आचार्य आदिसागर जी अनिश्चितकर और शांतिसागरजी दक्षिण इन दोनों में आचार्य आदिसागर जी अनिश्चितकर वरिष्ठ एवं श्रेष्ठ हैं। १० वीं शताब्दी के सर्वप्रथम आचार्य निर्माण समय के मध्य लिया गया तथा उनमें सर्वोत्तमी परम्परा अनुसार निर्माण कुमार सेठी की अनुमति को दिए, भर्त्सना करती है और आचार्य आदिसागर जी की परम्परा पर ही उसे रोकने का रोका जावे।

  • बाबू आचार्य भट्टारक मुनि जय सागर महाराज

प्राक्कथन

साहित्यिक भाषा में आज का नवयुवक यद्यपि लगा है आज का प्रत्येक वर्ग सरल विद्या में सरल भाषा में साहित्य का सृजन चाहता है, पर उसकी भावना अपेक्षा कुतूहल नहीं हो पाती।

आज का मानव भटक रहा है मन भी घूमना चाहता है, लेकिन वह कुछ करना नहीं चाहता। जिस प्रकार एक मधुर दिल्ली के हाथ में यदि कोई भी कैसा पत्थर हाथ में आ जाए, वह अपने पूर्ण संस्कार के कारण और प्राप्त अनुभवों के आधार पर अपनी दृढ़ इच्छा शक्ति के कारण और अपने परिश्रम से उसमें एक नया आकार अवश्य लाके ला देता है। उसी प्रकार यदि वह सोच का परिश्रम करे तो हम भी अपने विचारों को सबके सामने ला सकते हैं। समाज में वह कौन से मुनिराज थे। उनकी ज्यादा मांग आ रही थी इसी कारण इसका प्रकाशन कराया रहे हैं।

अतः जिस महानुभावों ने अपने धन का सदुपयोग किया है उन्हें मेरा पूर्ण सहयोग आशीर्वाद है कि इसी तरह अपने धन का सदुपयोग करते रहें।

  • आचार्य १०५ सरस्वती माता

प्रश्नोत्तरी

प्रश्न १. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने राजा भोज की सभा में सैकड़ों विद्वानों को परास्त किया था?
उत्तर : श्री शांति सेन (दिगम्बर)
प्रश्न २. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें आचार्य मान तुंग ने अपना आचार्य पद दिया था?
उत्तर : श्री गुणा कर जी
प्रश्न ३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके गले में मरा सर्प चार दिन तक रहा था?
उत्तर : श्री यशोवीर मुनिराज जी
प्रश्न ४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने गुप्त महाचार्य को वित्त भद्रका विहार का प्रशिक्षण दिया?
उत्तर : श्री सेन (आचार्य)
प्रश्न ५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘अक्षय दशमी’ व्रत कथा में आता था?
उत्तर : श्री मुनिंकर जी
प्रश्न ६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका आदर राजा भोज ने किया था?
उत्तर : श्री मानतुंगाचार्य
प्रश्न ७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका सीता ने पूर्व भव में आचार्य किया था?
उत्तर : श्री सुदर्शन जी महाराज
प्रश्न ८. वह कौन से मुनिराज थे, जो विष्णु कुमार के शिष्य थे?
उत्तर : श्री धर्मरुचि जी
प्रश्न ९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनपर ७ दिन उपसर्ग हुआ?
उत्तर : श्री पार्श्वनाथ मुनिराज

[1]

प्रश्न १०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने राजा से कहा था कि आज से १२वें दिन तुम्हारे पुत्र होंगे?
उत्तर : श्री विद्या नन्दी जी मुनिराज
प्रश्न ११. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मिट्टी के बर्तन में नारियल की विधि ली थी ७ उपवास हुए थे?
उत्तर : आचार्य श्री शांति सागर जी महाराज (दक्षिण)
प्रश्न १२. वह कौन से मुनिराज थे जिन्हें नेमिनाथ के प्रथम दर्शन से ही वैराग्य हो गया था?
उत्तर : श्री गजकुमार मुनिराज
प्रश्न १३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने १००० वर्षों तक तप किया?
उत्तर : श्री आदिनाथ मुनिराज
प्रश्न १४. वह कौन से मुनिराज से जो प्रथम काल में मोक्ष पधारे थे?
उत्तर : गौतम स्वामी, सुधर्मचार्य, जम्बू स्वामी
प्रश्न १५. वह कौन से मुनिराज थे जिन्होंने १३ महावादियों को सारशास्त्र में परास्त किया?
उत्तर : श्री नमिदेव
प्रश्न १६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने वैश्या के कोठे पर गुरु की आज्ञा से दो चातुर्मास किया था? कोई दो नाम
उत्तर : श्री प्रयाग मुनिराज, श्री स्थल भद्र मुनिराज।
प्रश्न १७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे लक्ष्मण के ८ कुमारों ने दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री महाबल जी मुनिराज।
प्रश्न १८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें धनसारि ने १०० स्वर्ण मुद्राएँ दी थी, लेकिन उन्होंने एक भी नहीं ली थी?
उत्तर : श्रीधर धर्म मुनिराज

[2]

प्रश्न १९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे अंजन चोर ने दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री देवर्षि मुनिराज
प्रश्न २०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन पर देवी तलवार चलाने को उद्धत हुई थी?
उत्तर : श्री आर्य नन्दी महाराज
प्रश्न २१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने रानी को छुआ और वह बहती से ठीक हो गई थी?
उत्तर : श्री धर्म सेन मुनिराज
प्रश्न २२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी प्रेरणा से आचार्य श्री शुभ चन्द्र जी ने कार्तिकीय गुम्फा की टीका पूर्व की थी?
उत्तर : श्री प्रेम चन्द्र मुनिराज
प्रश्न २३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ११ वर्ष की आयु में मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : कुन्द - कुन्द स्वामी
प्रश्न २४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने लिखा है कि जिनेन्द्र भगवान के मात्र दर्शन करने से निर्जर और निष्कंपित कर्म भी गिर जाते हैं और १०० टुकड़े हो जाते हैं?
उत्तर : श्री वारिषेण मुनिराज
प्रश्न २५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने लिखा है कि बिना सम्पर्षण के मनुष्य मूर्ख के समान है।
उत्तर : कुन्द कुन्द स्वामी
प्रश्न २६. वह कौन से मुनिराज थे, जो काकंदी से मोक्ष पधारे थे?
उत्तर : श्री अभय घोष मुनिराज
प्रश्न २७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे विभीषण ने अपना पूर्व भव पूछा था?

[3]

उत्तर : श्री सर्व भूषण केवली
प्रश्न २८. वह कौन से मुनिराज थे, जो ५३ माह ८ दिन तक निराहार रहे थे?
उत्तर : श्री आदिनाथ मुनिराज
प्रश्न २९. वह कौन से मुनिराज थे, जो पंचम काल में प्रथम दस पूर्व के धारी थे?
उत्तर : श्री विशाखाचार्य जी
प्रश्न ३०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अपना एक पैर समेल पर व दूसरा पैर मनुष्योत्तर पर्वत पर रखा था?
उत्तर : श्री विष्णु कुमार जी मुनिराज
प्रश्न ३१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पार्श्वनाथ को राजा आनन्द की अवस्था में उपदेश दिया था?
उत्तर : श्री बिपुल मति जी
प्रश्न ३२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके अनुरोध से पंडित आशाधर जी ने भूगल कवि के महाविश्रांति स्त्रोत की टीका लिखी थी?
उत्तर : श्री विनय चन्द्र जी मुनिराज जी
प्रश्न ३३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने दो बकरों की बलि बचाकर अपना सिर कटवाया था?
उत्तर : श्री सुकुश मुनिराज जी
प्रश्न ३४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने श्रावक के दान पूजा शील और उपवास ये चार धर्म कहे थे?
उत्तर : श्री वीर सेन केवली वल्ला
प्रश्न ३५. वह कौन से मुनिराज थे, जो आदि नाथ के २३वें गणधर थे?
उत्तर : श्री सुत दत्त जी मुनिराज
प्रश्न ३६. वह कौन से मुनिराज थे जिन्होंने सोम देव आचार्य

[4]

के ध्यान विधि ग्रन्थ पर उत्तर : अध्यात्मक तरंगिणी नाम की टीका लिखी थी?
उत्तर : श्री गणधर कीर्ति जी
प्रश्न ३७. वह कौन से मुनिराज थे जिनसे बलि ने प्रतिज्ञा ली थी कि मैं दशारत्न गुरु के अलावा किसी को भी नमस्कार नहीं करूंगा?
उत्तर : श्री शुभांकर जी मुनिराज
प्रश्न ३८. वह कौन से मुनिराज थे (हैं) जिन्होंने उपाध्याय दीपक समाचार पत्र के सम्पादक ओम प्रकाश गुप्ता से आहार लिया था?
उत्तर : श्री ज्ञान सागर जी महाराज
प्रश्न ३९. वह कौन से मुनिराज थे जिनकी प्रेरणा से नागौर के शास्त्र भण्डार की स्थापना की थी?
उत्तर : श्री रत्नकीर्ति जी मुनिराज
प्रश्न ४०. वह कौन से मुनिराज थे, (२०वीं सदी) जो जो ‘अमीक्षण ज्ञानोपयोगी’ कहलाते थे?
उत्तर : श्री अजित सागर जी आचार्य
प्रश्न ४१. वह कौन से मुनिराज थे जिन्होंने बाहुबली का निर्माण श्रवणपुर से माना है?
उत्तर : श्री पुष्पपाद स्वामी जी, श्री उदयकीर्ति जी महाराज जी
प्रश्न ४२. वह कौन से मुनिराज थे (हैं) जो ‘माता सू दया करके धर्मों से जुड़ा देना’, इतनी सी विनय तुम्हारे चरणों में जगह देना’ के रचयिता हैं?
उत्तर : श्री योगेन्द्र सागर जी बालावाचार्य
प्रश्न ४३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे आचार्य श्री विमल सागर जी (सन्मार्ग दिवाकर-कोसमा वाले) ने सप्तम (७वीं) प्रतिमा ली थी?

[5]

प्रश्नोत्तर

प्रश्न ५१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने महावीर स्वामी के
जीव को सम्बोधन किया था?
उत्तर : श्री अजितप्रभु व श्री अमित प्रभु जी
प्रश्न ५२. वह कौन से मुनिराज थे, जो तीन मुनिराजों का
उपसर्ग देखकर मोक्ष की अपेक्षा सर्वार्थसिद्धि गये थे? (दो मुनिराजों)
उत्तर : श्री नकुल जी व सहदेव जी मुनिराज
प्रश्न ५३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने लिखा है कि भरत
चक्रवर्ती ने कैलाश पर्वत पर २३ जिनालय बनवाये थे?
उत्तर : प्रभाचन्द्र जी
प्रश्न ५४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे महा चक्रवर्ती ने
मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री अभयघोष जी केवली
प्रश्न ५५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे पाण्डवों ने कौरवों
से पत्थर मारने से बचाया था?
उत्तर : श्री दत्तदत्त जी
प्रश्न ५६. वह कौन से मुनिराज थे, जो अपनी गृहस्थ अवस्था
में फाँस लगने पर मटकी में चूने का पानी रखा था, उसे छाछ
समझकर पी गये थे?
उत्तर : श्री आदि सागर जी महाराज आचार्य (अंकलीकर)
प्रश्न ५७. वह कौन से मुनिराज थे, जो श्रावस्ती (अयोध्या) से
मोक्ष पधारे थे?
उत्तर : श्री मृगध्वज व श्री नागदत्त जी
प्रश्न ५८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके ब्रह्मचर्य व्रत की
परीक्षा राजा ने शास्त्र कर ली थी?
उत्तर : श्री जिनसेन स्वामी जी
प्रश्न ५९. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें विद्याधर अर्ककीर्ति
के पुत्र अमित तेज ने आहार देकर पंचनमस्कार प्राप्त किए थे?

[8]

उत्तर : श्री दत्तदत्त जी, श्री अमर गुप्त जी, श्री देशशास्त्र गुप्त
मुनि जी
प्रश्न ६०. वह कौन से मुनिराज थे (दो), जिन्होंने मेल सिटाम्पुर
(तमिलनाडु) में नेमिनाथ का मन्दिर बनवाया था?
उत्तर : श्री सन्धि महामुनि और श्री पंडित महामुनि
प्रश्न ६१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अंकलीकर आचार्य
आदिसागर जी महाराज से क्षुल्लक दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री जिनप्पा मुनिराज जी
प्रश्न ६२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें विदेह क्षेत्र के
क्षीणकषाय नगरी में आनन्दन वेश्या के घर आनन्द पन्ना ने आहार
दान देकर पंचनमस्कार प्राप्त थे?
उत्तर : श्री अमित सागर जी
प्रश्न ६३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने प्रोतकर क्षेत्र को
महापुराण, ब्रह्मचर्य धर्म व मुनि का उपदेश दिया था?
उत्तर : श्री ब्रह्ममुनि जी चारण ऋद्धिधारी
प्रश्न ६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके उपदेश से (ई. की
७) शती। स्वर्ग गिरि (राजगृही) पर गुफाओं का निर्माण हुआ था?
उत्तर : श्री वरेदेव जी आचार्य
प्रश्न ६५. वह कौन से मुनिराज थे, जो प्रथम काल के प्रथम
ग्यारह अंग के धारी थे?
उत्तर : श्री आदिसागर जी महाराज आचार्य (अंकलीकर)
प्रश्न ६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पोदनपुर के राजा
के प्रस्ताव पर सातवें दिन ब्रह्मपाल होने की भविष्यवाणी की थी?
उत्तर : अमोघ जिज्ञ
प्रश्न ६७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके बताये जाने पर
सेठ अर्कदत्त ने पश्चाताप किया था और पुनः मथुरा में मुनियों को
आहार दान देकर संतुष्ट हुआ था?

[9]

उत्तर : श्री श्रुति भट्टारक आचार्य
प्रश्न ६८. वह कौन से मुनिराज थे, जो राजा के कहने पर
मुनि बने थे?
उत्तर : श्री ब्रह्म गुलाल मुनि
प्रश्न ६९. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अयोध्या के राजा
अरिंजय ने अपने पुत्र अरिदम को राज्य देकर मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री महेन्द्र राज
प्रश्न ७०. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिन्होंने संस्कृत में
‘विद्याटक’ लिखा है?
उत्तर : श्री नियम सागर जी मुनिराज
प्रश्न ७१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका दर्शन करने से
अरि सूदन को जाति स्मरण हो गया था और दीक्षा लेकर १५वें स्वर्ग
गया था?
उत्तर : श्री कलम गर्भ मुनि
प्रश्न ७२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी अन्न जल त्यागने
के बाद देह दिन समाधि हुई थी?
उत्तर : श्री भूत सागर जी महाराज आचार्य कल्प
प्रश्न ७३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके उपदेश से नन्दीवर्धन
राजा (तमिलनाडु के) ने ७ परकोटा से वेष्टित जिनालय का निर्माण
करवाया था?
उत्तर : श्री मुनिराज जी
प्रश्न ७४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने वज्र संघ के
वियोग के कारण मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : आनन्द जी मुनिराज
प्रश्न ७५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी प्रेरणा से पद्म
परमेष्ठी विधान करने से सारे नगर की महामारी का रोग दूर हो
गया?

[10]

उत्तर : श्री जिनसेन स्वामी जी
प्रश्न ७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे अर्ककीर्ति ने अपने
पुत्र अमित तेज को राज्य देकर मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री विष्णुमति चारण जी आचार्य
प्रश्न ७७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने १३२ मुनि दीक्षाएँ
दी थी?
उत्तर : श्री आदिसागर जी मुनिराज (अंकलीकर)
प्रश्न ७८. वह कौनसे मुनिराज थे (पद्मकाल के), जिन्हें
अणिमा ऋद्धि थी?
उत्तर : श्री विष्णु कुमार मुनिराज
प्रश्न ७९. वह कौन से मुनिराज थे, जो विदेह क्षेत्र के युगन्धर
स्वामी के समवसरण के प्रधान थे?
उत्तर : श्री अरिंजय मुनि
प्रश्न ८०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने लिखा है कि जो
ग्रन्थ पूजनी नहीं करता है वह भ्रष्ट है?
उत्तर : श्री वीरगन्ध देव आचार्य
प्रश्न ८१. वह कौन से मुनिराज थे, जो विजयार्ध पर्वत के
दक्षिण श्रेणी में स्थित किन्नरगीत नगर के स्वामी अभिमाली
विद्याधर के दीक्षा गुरु थे?
उत्तर : श्री अरिदम जी
प्रश्न ८२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी समाधि के समय
४८ विकी धारी साधु थे?
उत्तर : श्री आदिसागर जी महाराज आचार्य (अंकलीकर)
प्रश्न ८३. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिन्होंने नेमावर
सिद्धक्षेत्र में सबसे अधिक बालिका दीक्षाएँ दी थी?
उत्तर : श्री विद्यासागर जी आचार्य जी
प्रश्न ८४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी प्रेरणा से आचार्य
श्री शान्तिसागर जी महाराज ने ऐलक दीक्षा ली थी?

[11]

उत्तर : श्री आदिसागर जी महाराज (अंकलीकर)
प्रश्न ९५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने भविष्यागामी की
श्री जीवन्धर कुमार पदमोत्तमा को दिग (सिंह का जहर) उताराया?
उत्तर : श्री आदिसागर जी महाराज (अंकलीकर)
प्रश्न ९६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अयोध्या के राजा
अजितसेन के पुत्र अजितसेन ने आहार देकर पंचाश्चर्य प्राप्त किये
थे?

उत्तर : श्री अरिंदम मुनि
प्रश्न ९७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने हाथ में धूल लेकर
प्रभु का नाम लेकर पर्वत पर फेंकी थी और पर्वत सेन का बन गया
था?

उत्तर : श्री शुभचन्द्र आचार्य
प्रश्न ९८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे मनोगति, चित्तगति
व पदगति ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री दमवर मुनिराज
प्रश्न ९९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे वज्रबाहु ने मुनि
दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री निर्वाणघोष जी
प्रश्न १००. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे रत्नप्रभु के राजा
ने मेघ विजय हाथी का पूर्व भव सुनकर दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री वज्रदत्त जी मुनिराज
प्रश्न १०१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मेघ विजय हाथी
को पूर्वभव बताया था?

उत्तर : श्री वज्रदत्त जी मुनिराज
प्रश्न १०२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे चित्रगद, गरुडकांता,
सेनकान्त, गरुडध्वज, गरुडवाहन, मणिचूल तथा हिमभू ने मुनि
दीक्षा ली थी?

[12]

उत्तर : श्री प्रद्युम्न जी
प्रश्न १०३. वह कौन से मुनिराज थे, जो नौ पुत्रों के गुरु थे?
उत्तर : श्री मणिरथ स्थविर
प्रश्न १०४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें वाराणसी से बाहर
प्रैयंग वन में केवलज्ञ हुआ था?
उत्तर : श्री मणिरथ स्थविर
प्रश्न १०५. वह कौन से मुनिराज थे, जो राजग्रही के समीप
सिद्धाश्रम से सिद्ध हुए थे?

उत्तर : श्री प्रभाचन्द्र जी
प्रश्न १०६. वह कौन से मुनिराज थे, जो सर्वज्ञेयम मुनिराज से
कपड़े वाले मटटारक बने थे?

उत्तर : श्री प्रभाचन्द्र जी
प्रश्न १०७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि
क्षुधादि के समय चटाई आदि द्वारा शरीर को ढक ले और बाद में
छोड़ दे?

उत्तर : श्री बसन्त कीर्ति
प्रश्न १०८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मांगीगिरी पर
१०० वर्ष तक कठिन तप किया था?

उत्तर : श्री बलदेव जी
प्रश्न १०९. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें परीषहों के सहने
के बाद बल प्रदायिनी ऋद्धि प्राप्त हुई थी?

उत्तर : श्री बाहुबलि जी
प्रश्न ११०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी शरण में ४
मुनियों ने श्रावक धर्म ग्रहण किया था?

उत्तर : श्री विष्णु कुमार मुनि
प्रश्न १११. वह कौन से मुनिराज थे, जो अपसर्पिणी काल में
सर्वप्रथम मोक्ष गये थे?

[13]

उत्तर : श्री बाहुबली जी
प्रश्न ११२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको दान देकर
अयोध्या के राजा रुढ़ की रानी विनिय श्री ने सद्गति प्राप्त की थी?

उत्तर : श्री बुद्धार्य
प्रश्न ११३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने श्रीरत्नत्रय नाम
की ऋद्धि प्राप्त की थी?

उत्तर : श्री धर्मरुचि जी
प्रश्न ११४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें चारण ऋद्धि की
प्राप्त थी?

उत्तर : श्री ऋजुमति जी
प्रश्न ११५. वह कौन से मुनिराज थे, जो बुद्धिषेणा वेश्या में
आसक्त होकर मुनि पद त्यागकर राजा गन्ध मित्र के रसोइया बन
गये थे?

उत्तर : श्री विचित्र मति मुनिराज
प्रश्न ११६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे प्रजापाल ने अपने
पुत्र लोकपाल को राज्य देकर मुनि दीक्षा ले ली थी?

उत्तर : श्री शैलगुप्त जी
प्रश्न ११७. वह कौन से मुनिराज थे, जो अपने गुरु को बिना
आज्ञा के कर्नाटक प्रान्त के विजयापुर राज्य के राजा कुन्ती भोज की
राज्य सभा में पहुंच गये थे?

उत्तर : श्री मदनकीर्ति जी
प्रश्न ११८. वह कौन से मुनिराज थे, जो कुन्ती भोज राजा की
पुत्री मदन मंजरी पर आसक्त हो गए थे?

उत्तर : श्री मदनकीर्ति जी
प्रश्न ११९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम खजुराहो के
घंटाई मंदिर के विशाल लेख पर मिलता है?

उत्तर : श्री भद्रनन्दि जी दिगम्बराचार्य

[14]

प्रश्न १२०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी मायाचारी मुकुटती
मुनिराज ने की थी?

उत्तर : श्री गुणनिधि मुनिराज
प्रश्न १२१. वह कौन से मुनिराज थे, जिसने राम के भरत ने
मुनि शिक्षा ली थी?

उत्तर : श्री देशभूषण जी केवली
प्रश्न १२२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी आज्ञा व आशीर्वाद
से विष्णु कुमार मुनि उपसर्ग निवारण के लिए गये थे?

उत्तर : श्री विष्णु मुनिराज
प्रश्न १२३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको मंत्री उदाकर पर
से गए कुछ समय तक राज्य किया फिर अपने पुत्र यशोधर को
राज्य देकर मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री धर पर मुनिराज
प्रश्न १२४. वह कौन से मुनिराज थे (तीर्थंकर), जिनका गृहस्थ
अवस्था में ८६ खण्ड का हल था?

उत्तर : श्री आदिनाथ जी मुनिराज
प्रश्न १२५. वह कौन से मुनिराज थे (है), जिनकी प्रेरणा से
हस्तिनापुर में छात्र-पत्र पर शासन लिखे गये थे?

उत्तर : श्री सुबासागर जी मुनिराज
प्रश्न १२६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम श्री मुकुट
सप्तमी’ कथा में आया है?

उत्तर : श्री बुद्धिसागर जी / श्री सुबुद्धि सागर जी
प्रश्न १२७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके नाम से पर्वत का
नाम ‘बुद्धिगिरी’ पड़ा था?

उत्तर : श्री इन्द्र भू मुनिराज
प्रश्न १२८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके आदेश से
पद्मनाथ नामक काव्यस्य कवि ने यशोधर चरित्र की रचना की
थी?

[15]

उत्तर : श्री पुष्पदंति मुनिराज
प्रश्न १२९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे अनन्त मुनि ने
ब्रह्मचर्य व्रत लिया था?

उत्तर : श्री वरदत्त मुनिराज
प्रश्न १३०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके गर्भ में आने पर
माँ को १००८ कमल से पूजा करने का दोहरा हुआ था?

उत्तर : श्री शांतिसागर जी मुनिराज (दक्षिण)
प्रश्न १३१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें ज्योतिष शास्त्र
सुनकर वैराग्य हो गया था?

उत्तर : श्री मुनिचूल जी मुनिराज
प्रश्न १३२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने छह माह तक
उपवास ध्यान किया था?

उत्तर : श्री आदित्य जी मुनिराज
प्रश्न १३३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके उपदेश से पटना
का राजा यात्री वाहन जैन बना था?

उत्तर : श्री शिवभूषण जी महाराज
प्रश्न १३४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पद्म पुराण में
अटविद्ध राजा से कहा था कि तुम विद्या में कीड़े होगे?

उत्तर : श्री क्षीरधर जी मुनिराज
प्रश्न १३५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘नन्दीश्वर
व्रत’ की कथा में आता है?

उत्तर : श्री अरिंजय और श्री अमितंजय मुनिराज
प्रश्न १३६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने विद्याधर
(विद्याचरण) से कहा था मेरा चित्त-वित्त आत्म विकास हो?

उत्तर : श्री महाबल जी मुनिराज
प्रश्न १३७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे दुःखशासन में
मुनि दीक्षा ली थी?

[16]

उत्तर : श्री विदुर मुनिराज
प्रश्न १३८. वह कौन से मुनिराज थे, जो श्मशान में तपस्या
कर रहे थे? वहाँ एक कपालिक वेतालादि सिद्ध करने वाले ने
झूठा समझकर उनका चूल्हा बना लिया था?

उत्तर : श्री मणिबल जी मुनिराज
प्रश्न १३९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके गृहस्थ अवस्था के
पिता का नाम सुरेन्द्र दत्त और माता का नाम यशोश्वरा था?

उत्तर : श्री सुकुमार मुनिराज जी
प्रश्न १४०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें गर्भ शिक्षा पर बैठते
ही केवल ज्ञान हो गया था?

उत्तर : श्री वृषभ सेन मुनिराज जी
प्रश्न १४१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ७ दिन में
पाश्र्वोभ्युदय ग्रन्थ लिखा था?

उत्तर : श्री जिनसेन आचार्य
प्रश्न १४२. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिनके राह
संसार में ३० मन नारियल लगे थे?

उत्तर : आचार्य श्री शान्ति सागर जी मुनिराज (दक्षिण)
प्रश्न १४३. वह कौन से मुनिराज थे, जो १२ वर्ष तक द्रव्यलिंगी
बने रहे थे?

उत्तर : श्री पुष्पदत्त जी मुनिराज
प्रश्न १४४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘कलिकाल
सर्वज्ञ’ की उपाधि दी थी? कोई तीन

उत्तर : श्री वीरसेन स्वामी / श्री कुन्दकुन्द स्वामी / श्री
विमल सागर जी आचार्य
प्रश्न १४५. वह कौन से मुनिराज थे, जो गोपाचल पर्वत
(ग्वालियर) से मोक्ष पधारे थे?

उत्तर : श्री सुप्रतिष्ठ केवली

[17]

प्रश्नोत्तरी

उत्तर : श्री शुभदत्त मुनिराज
प्रश्न १५५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने दिल्ली के बच्चों को डराने के लिए मंत्र को पढ़कर पानी की बाढ़ को रोक दिया था?
उत्तर : श्री माघनन्दि मुनिराज
प्रश्न १५६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी ‘रत्नमालिका’ नाम की रचना है?
उत्तर : अमोघ वर्ष (सम्राट) मुनिराज
प्रश्न १५७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे कुंती पुत्र कर्ण ने मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री दम्भर मुनिराज
प्रश्न १५८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके चारों ओर देशी ने मुद्रित और उड़े जटा की वर्षा की थी?
उत्तर : श्री धर्मघोष मुनिराज जी
प्रश्न १५९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके ऊपर व्यन्तर देव ने उपसर्ग किया था?
उत्तर : श्री पार्श्वनाथ मुनि / श्री दत्त मुनिराज जी
प्रश्न १६०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके नाम से ‘कार्तिकेय तीर्थ’ प्रसिद्ध हुआ?
उत्तर : श्री कार्तिकेय मुनिराज जी
प्रश्न १६१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी प्रेरणा से भाग्योदय तीर्थ बन रहा है?
उत्तर : श्री विद्यासागर जी मुनिराज (आचार्य)
प्रश्न १६२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें चन्द्रग्रहण देखकर वैराग्य हो गया था?
उत्तर : श्री अपराजित मुनिराज (आचार्य)
प्रश्न १६३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें देवी ने शहर के भीतर जाने से रोका था?

[ 19 ]

उत्तर : श्री विद्यानन्द मुनि (चोर)
प्रश्न १६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मायाचारी से अपने गुरु श्री वर्द्धमान भगवान से कहा था कि उनका शरीर काला हो गया था?
उत्तर : श्री श्वेत संदीप मुनिराज
प्रश्न १६५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे शान्ति सागर मुनिराज दक्षिण ने क्षुल्लक दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री देवेन्द्र कीर्ति जी महाराज
प्रश्न १६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका सिकन्दर और ग्रीक पद्मराज के साथ विवाद हुआ था?
उत्तर : श्री विशाल कीर्ति जी मुनिराज
प्रश्न १६७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके अपरनाम जिनेन्द्र बुद्धि व देवनन्दि थे?
उत्तर : श्री पूज्यपाद मुनिराज
प्रश्न १६८. वह कौन से मुनिराज (आचार्य है) थे, जिनकी प्रेरणा से राजग्रही में ‘सरस्वती भवन’ बना था?
उत्तर : आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज (कोसाम्बी)
प्रश्न १६९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे कृतान्तवक्त्र सेनापति ने मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री सकलभूषण जी मुनिराज
प्रश्न १७०. वह कौन से मुनिराज थे, जो पुष्पदन्त व भूबलि आचार्य (धवलाजी वाले) के शिक्षा गुरु थे?
उत्तर : श्री धर्मसेन आचार्य जी
प्रश्न १७१. वह कौन से मुनिराज थे, जो स्थिरीकरण अंग में प्रसिद्ध हुए थे?
उत्तर : श्री वारिषेण मुनिराज जी
प्रश्न १७२. वह कौन से मुनिराज थे (है), जो पंचम काल के अंतिम मुनिराज थे?

[ 20 ]

उत्तर : श्री कल्याण सागर आचार्य जी
प्रश्न १७३. वह कौन से मुनिराज थे, जो दीक्षा के दीक्षा गुरु थे?
उत्तर : श्री प्रतिवर्द्धन मुनिराज जी
प्रश्न १७४. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने अभिषेक पाठ लिखा था? कोई दो नाम
उत्तर : श्री माघ नन्दी जी/श्री अमर नन्दी जी
प्रश्न १७५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें धवलनगरी की कथा सुनकर वैराग्य हो गया था?
उत्तर : श्री ललितराम मुनिराज (अंजन चोर)
प्रश्न १७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे धनकीर्ति श्रीमति व अनंग सेना ने आर्यिका दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री यशोविजय जी महाराज
प्रश्न १७७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी एक रचना थी, जिसको (आदि से अन्त व अन्त से आदि को) दोनों ओर से पढ़ा जा सकता है?
उत्तर : श्री श्रुतकीर्ति त्रैविद्य (रचना राघव पाण्डवीय)
प्रश्न १७८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके पास राजा ने सम्यक्त्व ग्रहण किया था?
उत्तर : श्री यशोधर जी मुनिराज
प्रश्न १७९. वह कौन से मुनिराज थे, जो सोने के सिंहासन पर बैठे थे?
उत्तर : श्री पुष्पदन्त जी मुनिराज
प्रश्न १८०. वह कौन से मुनिराज थे, जो रावण के पुत्र फिर भी मोक्ष गये थे?
उत्तर : श्री इन्द्रजीत जी मुनिराज
प्रश्न १८१. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने आचार्य समन्तभद्र स्वामी की ‘जीव सिद्धि’ का उल्लेख किया?

[ 22 ]

उत्तर : श्री जिनसेन स्वामी जी
प्रश्न १८२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके बारे में लिखा है वैरी चन्द ने सन छोड़ो दुष्टों अधिकाई?
उत्तर : श्री अभयघोष मुनिराज जी
प्रश्न १८३. वह कौन से मुनिराज थे जिन्होंने विक्रिया रिद्धि से ५२ अंगुल का शरीर बनवाया था?
उत्तर : श्री विष्णु कुमार जी महाराज
प्रश्न १८४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे सेठ सुदर्शन के पिता ने मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री समाधिगुप्त जी महाराज
प्रश्न १८५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी शादी हुई थी फिर भी बाल ब्रह्मचारी थे?
उत्तर : जम्बू स्वामी
प्रश्न १८६. वह कौन से मुनिराज थे, जो पंचम काल के अंतिम मोक्षगामी थे?
उत्तर : जम्बू स्वामी जी महाराज
प्रश्न १८७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे दुशासन ने मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर : श्री सिद्धु मुनिराज
प्रश्न १८८. वह कौन से मुनिराज थे, जो ‘अष्ट’ शब्द तक छः माह तक अर्थ करते रहे?
उत्तर : श्री अक्रोधीय जी मुनिराज
प्रश्न १८९. वह कौन से मुनिराज थे जिनको पीटने पर इसका असर नहीं हुआ?
उत्तर : सतिसागर जी मुनिराज
प्रश्न १९०. वह कौन से मुनिराज थे, (पंचमकाल के) जिन्हें शास्त्रों में माघी तीर्थंकर लिखा है?

[ 23 ]

उत्तर: श्री समन्तभद्र जी मुनिराज
प्रश्न २००. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने देवी के हाथ का जल नहीं पिया था?

उत्तर: श्री धर्मघोष मुनिराज जी
प्रश्न २०१. वह कौन से मुनिराज थे, जो लोकेषणा के लिए पूता करारे रहे थे?

उत्तर: श्री मृदुमति मुनिराज जी
प्रश्न २०२. वह कौन से मुनिराज (उपाध्याय) थे, जिनकी प्रेरणा से कुन्द कुन्द वाली पत्रिका निकलती है।
उत्तर: श्री मुनिसागर जी मुनिराज
प्रश्न २०३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे रामचन्द्र जी ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर: सुव्रत मुनिराज जी
प्रश्न २०४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने गंगावही का सुनार ने मुनि पुराने का आरोप लगाया था?
उत्तर: श्री भेदज मुनिराज जी
प्रश्न २०५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने उत्सवसागर स्त्रोत लिखा था?
उत्तर: श्री भद्रबाहु स्वामी जी
प्रश्न २०६. वह कौन से मुनिराज थे, जन्म से नग्न थे?
उत्तर: श्री जिनसेन स्वामी जी
प्रश्न २०७. वह कौन से मुनिराज थे, जो महावीर स्वामी के चौथे नंबर के अन्तेवासी केवली थे?
उत्तर: श्री रामपुत्र जी मुनिराज
प्रश्न २०८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें राजा भीम ने आहार दिया था?
उत्तर: श्री अलिमुक्तक मुनिराज जी

[24]

प्रश्न २०९. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने आचार्य समन्तभद्र को महावीर के शासन रूपी समुद्र को बढ़ाने चंद्रमा कहा है?
उत्तर: श्री शिवकोटी मुनिराज जी
प्रश्न २१०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘पुष्पांजलि व्रत कथा’ में आया था?

उत्तर: श्री ज्ञानसागर मुनिराज
प्रश्न २११. वह कौन से मुनिराज थे, जो भगवान आदिनाथ के ५१वें गणधर थे?

उत्तर: श्री वज्रसेनी मुनिराज जी
प्रश्न २१२. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने एकांशक के ज्ञाता श्री भद्रसेन जी को आगम के प्रतिकूल जानकर समाचार नहीं भेजा था?

उत्तर: श्री गुप्तचार्य मुनिराज जी
प्रश्न २१३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके साथ १००० राजाओं ने मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर: श्री अजितनाथ मुनिराज
प्रश्न २१४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें ‘वाक्कलौल प्रबोधिनी’ की उपाधि थी?
उत्तर: श्री सोमदेव सूरि
प्रश्न २१५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन पर ५०० कुटी छोड़े गये थे? कोई दो नाम?

उत्तर: श्री सुदत्त मुनिराज/श्री यशोधर मुनिराज जी
प्रश्न २१६. वह कौन से मुनिराज थे, खण्डेल गांव में खण्डेल जाति की स्थापना की थी?
उत्तर: श्री जिनसेन स्वामी जी
प्रश्न २१७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके संघ में ५०० मुनिराज थे?

[25]

उत्तर: श्री सुदत्त मुनिराज (यशोधर चरित्र) श्री अभिनन्दन मुनिराज (अष्ट पाहुड़) श्री चाणक्य मुनिराज (आराधना कथा कोश)
प्रश्न २१८. वह कौन से मुनिराज थे, जो ब्रह्म राक्षसों द्वारा पूजित थे?

उत्तर: श्री स्वामी महेश्वर
प्रश्न २१९. वह कौन से मुनिराज थे, जो अग्निमन्दर पर्वत से मोक्ष प्राप्त थे?
उत्तर: श्री यमधर जी
प्रश्न २२०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने विष्णुकुमार मुनि से कहा था कि आपको अग्नि आदि ८ ऋद्धियां प्राप्त है?
उत्तर: श्री धर्मरुचि मुनिराज
प्रश्न २२१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे विदुर ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर: श्री प्रतिवर्धन मुनिराज
प्रश्न २२२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने शैव, पाशुप आदि वादियों के लिए शत भयंकर के भवन द्वार पर नोटिस लगा दिया था?

उत्तर: श्री विमलचन्द्र जी मुनिराज
प्रश्न २२३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने यह कहा था कि जो कोटिशिला को उठावेगा वो राज्य को भोगेगा?
उत्तर: श्री अनन्तवीर्य जी केवली
प्रश्न २२४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी आज्ञा से रायमल्लजी ने भरताश्वर कथा की पुस्तक लिखी थी?
उत्तर: श्री वादिचन्द्र मुनिराज
प्रश्न २२५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम सुगन्ध दशमी की व्रत कथा में आया है?

[26]

उत्तर: श्री सुवच जी मुनिराज
प्रश्न २२६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके चरणों में राजा श्रेणिक ने त्रयोदशिक सम्यक्त्व ग्रहण किया था?
उत्तर: श्री विमलपुत्र जी महाराज
प्रश्न २२७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी प्रेरणा से ‘जैन गज़ट’ निकलता है?

उत्तर: श्री शान्ति सागर जी महाराज आचार्य (दक्षिण)
प्रश्न २२८. वह कौन से मुनिराज थे (है), जिन्होंने भारत में सब प्रथम दिगम्बर सल्लेखना था?
उत्तर: श्री सन्मतिसागर जी महाराज (ज्ञाननदी)
प्रश्न २२९. वह कौन से मुनिराज थे, जो आचार्य श्री पुष्पदंत जी महाराज एवं आचार्य श्री भूतबली जी महाराज (सप्तबली वाले) के दीक्षा गुरु थे?
उत्तर: श्री महासेनाचार्य जी
प्रश्न २३०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अहम्कवत्तन नरेश से ‘चतुर्मुख देव’ सन्मानित दिया था?
उत्तर: श्री शान्ति देवाचार्य
प्रश्न २३१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने देवागम स्तोत्र सुनकर ब्राह्मण से जैन धर्म में दीक्षा ली थी?
उत्तर: श्री विद्यानन्दी आचार्य
प्रश्न २३२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें ‘षट्कर्मोपभुज’ की उपाधि दी थी?
उत्तर: श्री वादिराज जी मुनि
प्रश्न २३३. वह कौन से मुनिराज थे, जो आहारचर्या में मोक्ष पधारे थे?

उत्तर: श्री मदन कुमार / विशकम्बल मुनि
प्रश्न २३४. वह कौन से मुनिराज थे, जो वृक्ष को कोटर में

[27]

परमागम का स्वाध्याय कर रहे थे, वहां पर एक स्त्री ने सड़े कुत्ते को लाकर पटक दिया था?
उत्तर: श्री समाधि गुप्त जी महाराज
प्रश्न २३५. वह कौन से मुनिराज थे, (प्रथमकाल के) जिनेंद्र शरीर में पानी के अभाव से सर्प का जहर उतर गया था?
उत्तर: श्री आदिसागर जी महाराज
प्रश्न २३६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके ऊपर देवी के कबूतर बराबर लाल-मक्खन का रूप बनाकर खून चूसता था?
उत्तर: श्री महासेन जी (आचार्य)
प्रश्न २३७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके ऊपर वृक्ष की टहनी टूट कर पैर में घुस गई तब बन्दर से औषधि दी थी?
उत्तर: श्री सुदत्त मुनिराज
प्रश्न २३८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको गृहस्थ अवस्था में अहिंसा वीर कहते थे?
उत्तर: आचार्य श्री शान्ति सागर जी महाराज (दक्षिण)
प्रश्न २३९. वह कौन से मुनिराज थे, जो २२ परीषह पालन करने से अनन्तवीर्य नाम से प्रसिद्ध हुए थे?
उत्तर: श्री अनन्तय मुनिराज
प्रश्न २४०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने एक माह के बालक को राजा लक्ष्मी सीकर मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर: श्री अनन्तय मुनिराज
प्रश्न २४१. वह कौन से मुनिराज थे, जो ‘महावादि विष्णु भट्ट सट्ट’ कहे गये थे?
उत्तर: श्री दामनन्दि
प्रश्न २४२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि रावण के मरण में सीता कारण बनेगी?
उत्तर: श्री सागरबुद्धि जी महाराज

[28]

प्रश्न २४३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने विष्णु कुमार मुनि से दीक्षा ली थी?
उत्तर: श्री भूतसागर जी महाराज
प्रश्न २४४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे धन्वन्तरि ने मुनि दीक्षा ली थी?
उत्तर: श्री धर्म श्री जी मुनिराज
प्रश्न २४५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘निशाल्य व्रत’ की कथा में आया है?
उत्तर: श्री नन्द मुनिराज जी
प्रश्न २४६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पादपमूल में गजघटाओं और श्रीमति के जीवो ने सम्यग्दर्शन प्राप्त किया था?
उत्तर: श्री प्रीतिकर और नीतिदेव मुनिराज
प्रश्न २४७. वह कौन से मुनिराज थे, जो आचार्य श्री प्रमाणचन्द्र जी के गुरु थे?
उत्तर: आचार्य श्री लोकचन्द्र जी महाराज
प्रश्न २४८. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने गिरनार में जैन धर्म की प्राचीनता बुलवायी थी?
उत्तर: श्री कुंद-कुंद स्वामी
प्रश्न २४९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी गुरुभक्ति देखकर देवी ने १२ वर्षों तक आहार कराया था?
उत्तर: श्री चन्द्रगुप्त मुनिराज
प्रश्न २५०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कुम्हार की पुत्री से विवाह किया था तथा पुनः फिर मुनिराज बन गये थे?
उत्तर: आचार्य श्री माघनन्दी जी महाराज
प्रश्न २५१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें ‘बाल सरस्वती’ की उपाधि थी?

उत्तर: श्री वासवनन्द जी महाराज

[29]

उत्तर : श्री अभय नन्दि जी महाराज
प्रश्न २५२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पद्मपुराण में सर्वप्रथम मुनि से लोक के बारे में पूछा था?

उत्तर : श्री अभय नन्दि जी महाराज
प्रश्न २५३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें आठों अंगों में चारण ऋद्धि प्राप्त थी?

उत्तर : श्री वध कुमार जी महाराज
प्रश्न २५४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पटना में सिंह की तरह दहाड़ लगाई थी?

उत्तर : श्री समन्तभद्र जी मुनिराज
प्रश्न २५५. वह कौन से मुनिराज थे, जो अकाल वृष्टि से यमुना नदी में बह गये थे और फिर नदी किनारे प्रयोग गमन संयम करते पाये गये थे?

उत्तर : श्री हरिकेय मुनिराज
प्रश्न २५६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने शिवकोटि राजा को मुनि दीक्षा दी थी?

उत्तर : श्री समन्तभद्र स्वामी जी
प्रश्न २५७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें घर में मूढ़वर जटा दिया था?

उत्तर : श्री धामक मुनिराज जी
प्रश्न २५८. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने कहा था कि हस्तिनापुर में ७०० मुनियों पर घोर उपसर्ग हो रहा है?

उत्तर : श्री गुणसागर जी महाराज
प्रश्न २५९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘रक्षित कथा’ में आता है?

उत्तर : श्री गुणसागर जी महाराज
प्रश्न २६०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि जिस गुरुचरण में राजा श्रेयांस जैसे धनी हुए है, उसी में तुम जैसे मुनियों का नाश करने वाले हुए है?

[30]

उत्तर : श्री विष्णु कुमार जी मुनिराज
प्रश्न २६१. वह कौन से मुनिराज थे, जो मुनि पद से गिरकर वेश्या के यहां रहे और एक दिन देर के अनूठे में कुष्ट देखकर वैराग्य हो गये थे?

उत्तर : श्री दीपावन मुनि (श्रावस्ती राजा)
प्रश्न २६२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे अमयगति और अभिरुचि ने क्षुल्लिका दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री सुदत्त मुनिराज
प्रश्न २६३. वह कौन से मुनिराज थे, जो तीन मुट्ठी अन्न का आहार करते थे?

उत्तर : श्री त्रिगुप्ति मुनि
प्रश्न २६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने वेश्या के कोठे पर तीन दिन आवास किया था?

उत्तर : श्री प्रियोनि मुनिराज
प्रश्न २६५. वह कौन से मुनिराज थे, जो कुन्द-कुन्द स्वामी के दादागुरु थे?

उत्तर : श्री माघनन्दि जी महाराज
प्रश्न २६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने सिंह से कहा था कि अहिंसा की डंका बजाने वाला, आज हिंसा पर उतारू है?

उत्तर : श्री अरिंजय और श्री अमित वेज
प्रश्न २६७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी प्रेरणा से ‘वीर सेवा दल’ की स्थापना हुई थी?

उत्तर : श्री समन्तभद्र जी मुनिराज
प्रश्न २६८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम त्रिलोक बीज व्रत कथा’ में आया है?

उत्तर : श्री ज्ञानसागर जी महाराज
प्रश्न २६९. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके केवल ज्ञान में निर्मित गंगा देवी बनी थी?

[31]

उत्तर : श्री धर्मघोष मुनिराज
प्रश्न २७०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे सियार ने रात्रि भोजन का त्याग किया था?

उत्तर : श्री सागर सेन मुनिराज
प्रश्न २७१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका उपसर्ग समन्तद्र जी ने दूर किया था?

उत्तर : श्री कुलभूषण जी एवं देशभूषण जी महाराज
प्रश्न २७२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने केसरी वर्णी की सभा में वादी पद पाया था?

उत्तर : श्री विद्यानन्दि जी महाराज
प्रश्न २७३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने संस्कृत में देव शासन गुरु की पूजा लिखी थी?

उत्तर : श्री माहनन्दि जी महाराज (आचार्य)
प्रश्न २७४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे दोशाचार्य ने दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री विदुर मुनिराज
प्रश्न २७५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके लिए राजा ने धन लोभ के लिए नगर के रास्ते पर कीचड़ बराबर धूल-डलवा दिए थे, जिससे मुनि दूसरे घर में न जा सकें?

卐卐卐卐 卐 卐 उत्तर : श्री धर्मघोष मुनिराज 卐 卐 प्रश्न २७०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे सियार ने रात्रि भोजन का त्याग किया था? उत्तर : श्री सागर सेन मुनिराज प्रश्न २७१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका उपसर्ग रामचन्द्र जी ने दूर किया था? उत्तर : श्री कुलभूषण जी एवं देशभूषण जी महाराज प्रश्न २७२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने केसरी वर्मा की 卐सभा में ‘वादी’ पद पाया था? उत्तर : श्री विद्यानन्दि जी महाराज प्रश्न २७३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने संस्कृत में देव शास्त्र गुरू की पूजा लिखी थी? उत्तर : श्री माद्यनन्दि जी महाराज (आचार्य) प्रश्न २७४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे द्रोणाचार्य ने 卐 दीक्षा ली थी? उत्तर : श्री विदुर मुनिराज प्रश्न २७५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके लिए राजा ने धन 卐 लोभ के लिए नगर के रास्ते पर कीचड़ कराकर फूल-डलवा दिए 卐 卐 卐 卐 थे, जिससे मुनि दुसरे घर में न जा सकें? उत्तर : श्री पिहिताश्रव मुनिराज प्रश्न २७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी जिनेन्द्र भक्ति से शासन देवी अम्बिका का सिंहासन हिल गया था? उत्तर : श्री समन्तभद्र स्वामी जी प्रश्न २७७. वह कौन से मुनिराज थे, जो ७०० मुनिराजों के 卐 卐 卐 卐 卐 卐उपसर्ग का निमित्त बने थे? 卐 卐 卐 उत्तर : श्री श्रुतसागर जी महाराज 卐 卐 卐 प्रश्न २७८. वह कौन से मुनिराज थे, जो आदिनाथ के २२वें थे? 卐 卐 गणधर थे? 卐 卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐卐 卐 卐 उत्तर : श्री अचल जी महाराज प्रश्न २७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ८४,००० श्लोक 卐वाला प्रमाण शास्त्र लिखा था? उत्तर : श्री लोहाचार्य जी प्रश्न २८०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने बालक को एक के ऊपर एक १४ गोलियाँ रखते देखा था? उत्तर : श्री गोवर्धन स्वामी जी प्रश्न २८१. वह कौन से मुनिराज थे, जो मुनि दीक्षा के बाद से 卐ही ७ दिन में एक बार आहार करते थे? 卐 卐 उत्तर : श्री आदिसागर जी महाराज (अकली कर) प्रश्न २८२. वह कौन से मुनिराज थे, जो एक वर्ष एक ही 卐आसन में खड़े रहे? 卐 उत्तर : श्री बाहुबली मुनिराज 卐 प्रश्न २८३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने महादेव से जिनेन्द्र पूजन कराई थी? उत्तर : श्री जीवनन्दी जी मुनिराज प्रश्न २८४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें महावीर स्वामी के 卐 मोक्ष जाने के १२ घन्टे के अन्दर केवल ज्ञान प्राप्त हुआ था? 卐 उत्तर : श्री गौतम स्वामी जी 卐 प्रश्न २८५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके दर्शन विद्याधर 卐 (आ. श्री विद्यासागर जी) ने बीट गांव में किये थे? 卐 उत्तर : श्री नेमिसागर जी महाराज प्रश्न २८६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें मोरनी अचेत अवस्था में शीतलनाथ मन्दिर तक ले गई थी? 卐 卐 卐 卐 उत्तर : श्री कार्तिकेय मुनिराज प्रश्न २८७. वह कौन से मुनिराज थे, जो एक अंग के ज्ञाता 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐 卐

उत्तर : श्री मद्यनन्दि जी महाराज

प्रश्न २८८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने राजा से कहा था कि इस पर्वत में बहुत सा धन रखा है, जिसकी रक्षा व्याघ्र करता है?

उत्तर : श्री पिहितास्त्रव मुनिराज जी

प्रश्न २८६. वह कौन से मुनिराज थे, जो ‘वात्सल्य अंग’ में प्रसिद्ध हुए थे?

उत्तर : श्री विष्णु कुमार जी मुनिराज

प्रश्न २६०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके पीछे-पीछे वन का हाथी शिष्य की भांति विहार करता था?

उत्तर : श्री पद्मनाथ मुनिराज

प्रश्न २६१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे दुर्योधन ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री प्रतिवर्धन जी मुनिराज

प्रश्न २६२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मात्र तीन दिन में सर्वार्थ सिद्धि को प्राप्त किया था?

उत्तर : श्री सुकुमाल मुनिराज

प्रश्न २६३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके श्रवण बेल गोला की ‘भद्रबाहु गुफा’ में चरण बने हुए हैं?

उत्तर : श्री भद्रबहु स्वामी जी

प्रश्न २६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके शरीर को चार हिंसक जीव खा रहे थे?

उत्तर : श्री सुकमाल मुनि

प्रश्न २६५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके पुत्र ने हाथ-पैर काट दिये थे?

उत्तर : श्री अभयघोष मुनिराज जी

प्रश्न २६६. वह कौन से मुनिराज थे, जो शमशान में धर्म बेचने गये थे?

उत्तर : श्री सोमशर्मा मुनिराज जी

प्रश्न २६७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘गन्ध हस्ति महाकाल’ की रचना की है?

उत्तर : श्री समन्तभद्र स्वामी जी

प्रश्न २६८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘मुकट सप्तमी व्रत कथा’ में आया है?

उत्तर : श्री बुद्धिसागर जी एवं सुबुद्धिसागर जी महाराज प्रश्न २६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने निदान किया था कि मैं सागर को सकुटुम्ब नष्ट कर दूंगा?

उत्तर : श्री मधुपिंगल मुनिराज

प्रश्न ३००. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हे विद्याधर (आचार्य श्री विद्यासागर जी) समाधि के समय सर्वप्रथम णमोकार मन्त्र का पाठ सुनाया था?

उत्तर : श्री नेमिसागर जी मुनिराज (आचार्य)

प्रश्न ३०१. वह कौन से मुनिराज थे, जो शान्ति में २:३० से प्रातः ८.०० बजे तक ही आसन में ध्यान करते थे?

उत्तर : आचार्य कल्प श्री विवेक सागर जी महाराज

प्रश्न ३०२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने आहार में फोटो खिंच जाने पर ७ दिन तक दूध का त्याग कर दिया था? उत्तर : श्री आचार्य श्री शांतिसागर जी महाराज (दक्षिण) प्रश्न ३०३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ब्रह्माजी को बुलाकर जिनेन्द्र देव की पूजन कराई थी?

उत्तर : श्री जीवनन्दी जी महाराज

प्रश्न ३०४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम भक्तामर पाठ के तीसरे व चौथे काव्य में आया है?

उत्तर : श्री पिहितास्रव मुनिराज जी

प्रश्न ३०५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम 'अक्षय तृतीया व्रत की कथा में आया है?

उत्तर : श्री पार्श्वनाथ जी मुनिराज

प्रश्न ३०६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको बूढ़ा बैल कीचड़ में फंसा देखकर वैराग्य हो गया था?

उत्तर : श्री कनकप्रभु मुनिराज जी

प्रश्न ३०७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने जेल में बैठकर भगवान आदिनाथ की स्तुति की थी?

उत्तर : श्री मानतुंग मुनिराज जी (आचार्य)

प्रश्न ३०८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने वैद्य से संसार से परिभ्रमण निवारण की दवा मांगी थी?

उत्तर : श्री सनत्कुमार जी मुनिराज

प्रश्न ३०६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मृत हाथी के शरीर में घुसकर समाधि ले ली थी?

उत्तर : श्री धर्मसिंह मुनिराज जी

प्रश्न ३१०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके आहार की अनुमोदना कबूतर व कबूतरी ने की थी?

उत्तर : श्री अमितगति व जघांचरण मुनिराज जी

प्रश्न ३११. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी (३२ मुनि) मृत्यु नदी में बहकर हुई थी?

उत्तर : श्री ललित घटादिक मुनिराज

प्रश्न ३१२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने आठ कर्म प्रकृतियों का विचार चर्चा ग्रन्थ में लिखा है? उत्तर : श्री वैराग्य सेन मुनिराज जी

प्रश्न ३१३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके बारे में लिखा है कि ‘एक मास कीकर मर्यादा तृषा दुःख सह गाढ़ो’? उत्तर : श्री धर्मघोष मुनिराज जी

प्रश्न ३१४. वह कौन से मुनिराज थे, जो भगवान आदिनाथ के २६वें गणधर थे?

उत्तर : श्री सर्वदेव जी मुनिराज

प्रश्न ३१५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका आहार देखने नेवले, बन्दर, शूकर व शेर आये थे?

उत्तर : श्री दमधर व सागर सेन मुनिराज जी

प्रश्न ३१६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके आशीर्वाद से श्रवण बेलगोला में भगवान बाहुबलि की मूर्ति बनी थी? उत्तर : आचार्य श्री नेमिचन्द्र जी महाराज

प्रश्न ३१७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें ‘स्याद्वादाचल सिंह और कवि कुलराज’ की उपाधि थी?

उत्तर : श्री सोमदेव सूरि

प्रश्न ३१८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें ‘नव नवति महावादि विजेता’ की उपाधि थी?

उत्तर : श्री श्रुतसागर जी सूरि

प्रश्न ३१६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके शरीर में तेजस पुतला निकला था? (दो नाम)

उत्तर : श्री दीपायन मुनि / श्री खण्डक मुनि प्रश्न ३२०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने विधाओं से कहा था कि तुम अगले भव में मेरा साथ देना?

उत्तर : श्री विशिष्ट मुनिराज

प्रश्न ३२१. वह कौन से मुनिराज थे, जो तीन दिन तक एक पैर पर खड़े रहे?

उत्तर : श्री सुकुमाल मुनिराज

प्रश्न ३२२. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने स्वयं दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री आदिसागर जी मुनिराज (अंकली कर) प्रश्न ३२३. वह कौन से मुनिराज थे, जो अकाल में स्वध्याय करने पर मरकर गंगा में मच्छ की पर्याय धारण की थी? उत्तर : श्री शिवनन्दि मुनिराज

प्रश्न ३२४. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिनके उपदेश से ७०० स्त्री पुरुषों ने दीक्षा ली थी?

उत्तर : आचार्य कुन्द-कुन्द स्वामी जी

प्रश्न ३२५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको ६ माह तक आहार की विधि नहीं मिली थी?

उत्तर : श्री आदिनाथ जी मुनिराज

प्रश्न ३२६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें धन्य कुमार जी ने नमस्कार किया था?

उत्तर : श्री अवधि बोध जी

प्रश्न ३२७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके बारे में लिखा है कि ‘विक्रय कर दुःख शीततनों सो साध मन ताके’?

उत्तर : श्री दन्त जी मुनिराज

प्रश्न ३२८. वह कौन से मुनिराज थे, जो महावीर स्वामी के तीसरे नम्बर के अंतः-कृत केवली थे?

उत्तर : श्री सोमिल जी मुनिराज

प्रश्न ३२६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘चन्दन षष्टी कथा’ में आया है?

उत्तर : श्री अतिमुक्तक एवं श्री भद्र मुनिराज

प्रश्न ३३०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने राजा के पुत्र को शेर बनकर घायल किया था तथा पुनः फिर राजा बन गये थे? उत्तर : श्री ब्रह्मगुलाल जी मुनिराज

प्रश्न ३३१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘पासणाह चरित्र’ लिखा है?

उत्तर : आचार्य श्री पद्म कीर्ति जी

प्रश्न ३३२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने जय धवला की टीका में चन्द्रप्रभु भगवान को नमस्कार किया था? उत्तर : श्री वारिसैंण स्वामी जी

प्रश्न ३३३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने हरिशेष चक्रवर्ती ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : सुप्रतिष्ठित केवली

प्रश्न ३३४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें नाव में केवल ज्ञान हुआ था?

उत्तर : श्री पाणिक मुनिराज

प्रश्न ३३५. वह कौन से मुनिराज थे, पूर्व अवस्था में जीजा जी ने पीटा था?

उत्तर : श्री कार्तिकेय मुनिराजा जी

प्रश्न ३३६. वह कौन से मुनिराज थे, जो मरकर हाथी बने थे? उत्तर : श्री मृदुमति मुनिराज

प्रश्न ३३७. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जो २०वीं सदी के प्रथम आचार्य थे?

उत्तर : आचार्य श्री आदिसागर जी (अंकली कर)

प्रश्न ३३८. वह कौन से मुनिराज थे, जो धरनी भूषण पर्वत पर तप करते थे और वह सम्यगदर्शन के एक अंग में प्रसिद्ध थे? उत्तर : श्री विष्णु कुमार मुनिराज

प्रश्न ३३६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके केवल ज्ञान का महोत्सव सगर चक्रवर्ती ने मनाया था?

उत्तर : श्री चतुर्भुज जी मुनिराज

प्रश्न ३४०. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने कहा था कि यदि चतुर्थकाल के साधु देखना है तो विद्यासागर जी महाराज को देख लो?

उत्तर : श्री विद्यानन्द जी महाराज

प्रश्न ३४१. वह कौन से मुनिराज थे, जो मुनिराजों के दर्शन से श्रावकों को रोकते थे?

उत्तर : श्री रुद्ध मुनि एवं सात्यकि मुनि

प्रश्न ३४२. वह कौन से मुनिराज थे, जो भगवान आदिनाथ के २०वें गणधर थे?

उत्तर : श्री वसुदेव मुनिराज जी

प्रश्न ३४३. वह कौन से मुनिराज थे, जो स्वर्ग से क्षय होकर श्री कृष्ण बने थे?

उत्तर : श्री निनामक जी मुनिराज

प्रश्न ३४४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे रावण ने पर स्त्री त्याग का व्रत लिया था?

उत्तर : श्री अनन्तबल जी मुनिराज

प्रश्न ३४५. वह कौन से मुनिराज थे, जो वीरसेन (धबलाकार) के गुरु थे?

उत्तर : श्री आर्यनन्दि जी मुनिराज

प्रश्न ३४६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी समाधि भोजपुर (भोपाल) में बनी हुई है?

उत्तर : श्री मानतुग आचार्य

प्रश्न ३४७. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने ‘कल्याण कारक’ नामक वैधत ग्रन्थ लिखा था?

उत्तर : श्री उग्रदित्याचार्य जी

प्रश्न ३४८. वह कौन से मुनिराज थे, जो आचार्य समन्तभद्र का ‘देवागम स्त्रोत’ सुनकर जैन बने थे?

उत्तर : श्री पात्रकेशरी जी मुनिराज

प्रश्न ३४६. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिनका आठ वर्ष की उम्र में यज्ञोपव संस्कार हुआ था?

उत्तर : श्री जिनसेन स्वामी जी

प्रश्न ३५०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें चित्राबाई ने आहार में ढाई किलो छुआरे घी के साथ खिलाये थे?

उत्तर : श्री आदिसागर जी मुनिराज (अंकली कर)

प्रश्न ३५१. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिनकी प्रेरणा से अयोध्या में भगवान ऋष्यभदेव का भव्य मन्दिर व गुरुकुल बना है?

उत्तर : श्री देशभूषण जी महाराज

प्रश्न ३५२. वह कौन से मुनिराज थे, जो अंकलक स्वामी के प्रमुख शिष्य थे?

उत्तर : श्री हिमशीतल जी महाराज

प्रश्न ३५३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे जीवयशा ने नाचने को कहा था?

उत्तर : श्री अमुक्तक जी मुनिराज

प्रश्न ३५४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने धन्य कुमार का पूर्व भव बताया था?

उत्तर : श्री अर्वाध मुनिराज

प्रश्न ३५५. वह कौन से मुनिराज थे, वह कौन से मुनिराज थे, जो पंडित महेन्द्र कुमार शास्त्री के रूप में विद्याधर (आचार्य विद्यासागर जी का पर्व नाम) को पढ़ाते थे?

उत्तर : श्री समता सागर जी मुनिराज

प्रश्न ३५६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘आठ टीका’ ग्रन्थ लिखे थे?

उत्तर : श्री श्रुतसागर जी मुनिराज

प्रश्न ३५७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने लथीयस्त्रीय ग्रन्थ पर स्याद्वाद भूषण नाम की तात्पर्य वृत्ति लिखी थी? उत्तर : श्री अभयचन्द्र जी मुनिराज

प्रश्न ३५८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें रावण की मृत्यु देखकर वैराग्य हुआ था?

उत्तर : श्री इन्द्रजीत जी मुनिराज

प्रश्न ३५६. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने आहार के समय विधि ली थी कि तत्काल प्रसूति गाय बछड़े को मिलेगा तो आहार करेंगे?

उत्तर : श्री शान्तिसागर जी महाराज (दक्षिण)

प्रश्न ३६०. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने अग्निकाय व वायुकायिक जीवों को त्रस्त माना है?

उत्तर : आचार्य कुन्द-कुन्द स्वामी जी

प्रश्न ३६१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे इन्द्रजीत के पुत्र वनमाली ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री रतिवेग महाराज

प्रश्न ३६२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘श्री आकाश पंचमी व्रत कथा’ में आया है?

उत्तर : श्री सोमदत्त जी मुनिराज

प्रश्न ३६३. वह कौन से मुनिराज थे, जो उमास्वामी के गुरु थे?

उत्तर : श्री कुन्द-कुन्द स्वामी जी

प्रश्न ३६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें वृषभसेना ने (औषधद्वान में प्रसिद्ध) कूड़ा से ढक दिया था?

उत्तर : श्री मुनिदत्त मुनिराज जी

प्रश्न ३६५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें काम समुद्र सेठ ने आहार दिया था?

उत्तर : श्री सागर दत्त मुनिराज जी

प्रश्न ३६६. वह कौन से मुनिराज थे, जो १२ वर्ष तक द्रव्य लिंगी बने रहे? (कोई दो नाम)

उत्तर : १. श्री भवदत्त जी २. श्री पुष्पड़ाल जी प्रश्न ३६७. वह कौन से मुनिराज थे, जो १२ अंग और १४ पूर्व के ज्ञाता होने पर भी भाव श्रवण अवस्था को प्राप्त नहीं हुए थे? प्रश्न ३६८. वह कौन से मुनिराज थे, जो मरकर अग्नि कुमार देव बने थे?

उत्तर : श्री द्धीपायन मुनिराज जी

प्रश्न ३६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने समयसार पर ‘आत्म ख्याति’ टीका लिखी थी?

उत्तर : श्री अमृतचन्द्र जी मुनिराज

प्रश्न ३७०. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने चामुण्डराय की माता से पोदनपुर के बाहुबली की बात की थी?

उत्तर : श्री जिनसेन मुनिराज जी

प्रश्न ३७१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि जिस घर में साधु चरण न पड़े वह घर श्मशान है?

उत्तर : कुन्द-कुन्द स्वामी जी

प्रश्न ३७२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे राजा वज्रसेन ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री श्रुतसागर जी मुनिराज

प्रश्न ३७३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने गोवर्धन पर्वत पर महीना भर का उपवास किया था?

उत्तर : श्री वशिष्ट मुनिराज

प्रश्न ३७४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी गृहस्थ अवस्था में ३२ स्त्रियाँ थी? दो नाम

उत्तर : १. श्री सुकुमाल मुनि २. सुकौशल मुनि

प्रश्न ३७५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें उज्जैन में पलने मे झूलते हुए बालक ने घर से जाइए-जाइये कहा था?

उत्तर : श्री भद्रबाहु मुनिराज जी

प्रश्न ३७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी वैयावृत्ति करने बहुत बन्दर आये थे?

उत्तर : श्री सुव्रत मुनिराज जी

प्रश्न ३७७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें मात्र ‘तुषमास भिन्न’ यह ६ शब्द याद थे?

उत्तर : श्री शिवभूति मुनिराज जी

प्रश्न ३७८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे भरत चक्रवर्ती को नमस्कार करने को कहा लेकिन स्वाभिमानी होने के कारण उन्होंने आदिनाथ से मुनिदीक्षा ले ली थी?

उत्तर : श्री अनंत विजय मुनिराज जी

प्रश्न ३७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे राजा दशरथ ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री सर्वतोभद्र मुनिराज जी

प्रश्न ३८०. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने आचार्य कुन्द-कुन्द स्वामी के गुरु का नाम ‘कुमार नंदि’ दिया है? उत्तर : श्री जयसेन मुनिराज जी

प्रश्न ३८१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें सीता को वनवास छोड़कर वैराग्य हुआ था?

उत्तर : श्री कृतान्तव्रक मुनिराज जी

प्रश्न ३८२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने महाकाली के मन्दिर में चमत्कार करके चन्द्र गुप्त को जैन धर्म में दीक्षित किया था?

उत्तर : श्री सिद्धसेन मुनिराज

प्रश्न ३८३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी आज्ञा से मैनासुन्दरी ने सिद्धचक्र विधान किया था?

उत्तर : श्री सुप्ताचार्य जी

प्रश्न ३८४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी पादुकाएँ चूलगिरी की तलहटी में स्थापित हैं?

उत्तर : श्री चन्द्रसागर जी

प्रश्न ३८५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके सानिध्य में (वी. नि.सं.२४६०) में चूलगिरी का मस्तकाभिषेक हुआ था? उत्तर : श्री विमलसागर जी महाराज

प्रश्न ३८६. वह कौन से मुनिराज थे, जो ३६८ दिन तक निराहार रहे थे?

उत्तर : श्री आदिनाथ जी मुनिराज

प्रश्न ३८७. वह कौन से मुनिराज थे, जो अंकलीकर मुनिराज के नाम से जाने जाते हैं?

उत्तर : श्री आदिसागर जी मुनिराज

प्रश्न ३८८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें युद्ध करते-करते वैराग्य हो गया था? कोई दो नाम

उत्तर : १. श्री बाहुबलि जी २. श्री मधुमुनिराज जी प्रश्न ३८६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके शरीर में कीलें ठोंक दी थी? कोई दो नाम

उत्तर : १. श्री लचुक मुनिराज २. श्री गजकुमार जी प्रश्न ३६०. वह कौन से मुनिराज थे, जो पंचम काल के अंतिम श्रुतकवेली थे?

उत्तर : श्री भद्रवाहु स्वामी जी

प्रश्न ३६१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अशुभ तैजस समुद्र घात के द्वारा मंत्री, राजा सहित सारे गांव को जला दिया था? उत्तर : श्री बाहु मुनिराज

प्रश्न ३६२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मटका बनाते समय देव शास्त्र गुरु की पूजा बनाई थी?

उत्तर : श्री माधनन्दी जी महाराज

प्रश्न ३६३. वह कौन से मुनिराज थे, जो ७०० (६०० – १००) वर्ष तक कुष्ट व्याधि से पीड़ित रहे फिर भी विरागी थे? उत्तर : श्री सनत्कुमार जी मुनिराज

प्रश्न ३६४. वह कौन से मुनिराज थे, जो अध्यात्म के प्रकाण्ड विद्वान थे?

उत्तर : श्री कुन्द-कुन्द स्वामी

प्रश्न ३६५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें आठ अंगों में विक्रिय ऋद्धि प्राप्त थी?

उत्तर : श्री विष्णु कुमार मुनिराज जी

प्रश्न ३६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी आँखों की रोशना मंत्र या शान्ति भक्ति से वापिस आ गई थी?

उत्तर : श्री वर्धमान सागर जी महाराज

प्रश्न ३६७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके समय से श्वेताम्बर धर्म प्रारम्भ हुआ था?

उत्तर : श्री भद्रबाहु स्वामी जी

प्रश्न ३६८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके पिता का नाम राजा श्रेणिक था? (दो नाम)

उत्तर : १. श्री वारिषेण मुनि २. श्री अभयकुमार मुनिराज जी प्रश्न ३६६. वह कौन से मुनिराज थे, जो प्रभावना अंग से प्रसिद्ध हुये थे?

उत्तर : श्री वज कुमार जी मुनिराज

प्रश्न ४००. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम द्वादशी व्रत कथा में आया है?

उत्तर : श्री श्रमणोत्म मुनिराज

प्रश्न ४०१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पार्श्वनाथ उपसर्ग पर एक ग्रन्थ (शास्त्र) लिखा था?

उत्तर : श्री जिनसेन स्वामी जी

प्रश्न ४०२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको राजा भोज परिहार ने राज दरबार में सम्मान किया था?

उत्तर : श्री बप्पूसूरि (आचार्य)

प्रश्न ४०३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने देवगढ़ के (वि. सं. ६१६ में) मान स्तम्भ की स्थापना की थी?

उत्तर : श्री श्री देवमुनि राज जी

प्रश्न ४०४. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिनके दाह संस्कार में एक बोरा कपूर लगा था?

उत्तर : आचार्य श्री शान्तिसागर जी महाराज (दक्षिण) प्रश्न ४०५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे तैलोक्य मण्डल हाथी ने अणुव्रत लिए थे?

उत्तर : श्री देशभूषण सागर जी केवली

प्रश्न ४०६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें विश्वानुलोभ ने १००० गालियाँ दी थी फिर भी मुनिराज ने एक भी शब्द नहीं निकाला था?

उत्तर : श्री वरधर्म जी मुनिराज

प्रश्न ४०७. वह कौन से मुनिराज (कामदेव) थे, जिनका ग्रहस्थय अवस्था में ८१ खण्ड का महल था?

उत्तर : श्री बाहुबलि स्वामी जी महाराज

प्रश्न ४०८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके पाँच नाम थे? उत्तर : श्री महावीर स्वामी जी

प्रश्न ४०६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका जन्म कोटिपुर में हुआ था?

उत्तर : श्री भद्रबाहु स्वामी जी

प्रश्न ४१०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके नाम से लौकिक भाई द्वोज प्रसिद्ध हुआ था?

उत्तर : श्री कार्तिकेय मुनिराज

प्रश्न ४११. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने राजा से कहा था कि तू अपने ही घर के पखाने का कीड़ा होगा?

उत्तर : श्री देवगुरू मुनिराज

प्रश्न ४१२. वह कौन से मुनिराज थे, जो महावीर स्वामी के दूसरे नम्बर के अन्तःकृत केवली थे?

उत्तर : श्री पतंग जी मुनिराज

प्रश्न ४१३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने छः व्याकरण और काव्य ग्रन्थ लिखे थे?

उत्तर : श्री श्रुतसागर जी मुनिराज (सूरी)

प्रश्न ४१४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मृगसेन धीवर को जाल में पहली मछली छोड़ने का नियम दिया था? उत्तर : श्री यशोधर जी मुनिराज

प्रश्न ४१५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे सगर पुत्र भागीरथ ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री शिवगुप्त जी मुनिराज

प्रश्न ४१६. वह कौन से मुनिराज थे, जो गृहस्थ अवस्था में बनारस के राजा भीमसेन थे?

उत्तर : श्री पिहिताश्रव मुनिराज

प्रश्न ४१७. वह कौन से मुनिराज थे, जो ‘करणानुयोग’ प्राचीन के प्रकण्ड विद्वान थे?

उत्तर : श्री धरसेन जी आचार्य

प्रश्न ४१८. वह कौन से मुनिराज थे, जो ५०० मुनियों सहित सोनागिर से मोक्ष पधारे थे?

उत्तर : श्री स्वर्णभद्र जी मुनिराज

प्रश्न ४१६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अर्द्धरात्रि में स्वप्न में दो तरूण देखे थे?

उत्तर : श्री धरसेन जी मुनिराज

प्रश्न ४२०. वह कौन से मुनिराज थे, जो कारंजा (महाराष्ट्र) शाखा के प्रथम उल्लेखनीय आचार्य थे?

उत्तर : श्री अमरकीर्ति जी मुनिराज

प्रश्न ४२१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मंत्र के प्रभाव से कमण्डल में डली मछलियों को गुलाब के फूल कर दिये थे? उत्तर : श्री विद्यासागर जी महाराज

प्रश्न ४२२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ब्राह्मण का वेश बनाकर तीन पैर भूमि मांगी थी?

उत्तर : श्री विष्णु कुमार मुनिराज

प्रश्न ४२३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके केवललान को देखकर व्यंतरी सम्यकदृष्टि हो गई थी?

उत्तर : श्री सुदर्शन मुनिराज जी

प्रश्न ४२४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने राजा मुंज से विशेष सम्मान प्राप्त किया था?

उत्तर : श्री महासेन जी मुनिराज

प्रश्न ४२५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने समयासार नामक संगीत ग्रंथ लिखा था?

उत्तर : श्री पार्श्वनाथ देव जी

प्रश्न ४२६. वह कौन से मुनिराज थे, जो आचार्य शिवसागर महाराज के प्रथम शिष्य थे?

उत्तर : श्री ज्ञान सागर जी महाराज

प्रश्न ४२७. वह कौन से मुनिराज थे, जो भव देव व भाव देव मुनिराज के गुरू थे?

उत्तर : श्री सौधर्म मुनिराज

प्रश्न ४२८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके १६,००० राजा और २७,००० स्त्रियों ने दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री रामचन्द्र जी मुनिराज

प्रश्न ४२६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका बाघ ने भक्षण किया था?

उत्तर : श्री सुकौशल जी मुनिराज

प्रश्न ४३०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका एकाकी स्त्रोत से कुष्ट रोग दूर हो गया था?

उत्तर : श्री वादिराज जी मुनिराज

प्रश्न ४३१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी आंखों की रोशनी शांति मंत्र व शान्ति भक्ति से वापिस आ गई थी?

उत्तर : श्री पूज्यपाद जी स्वामी

प्रश्न ४३२. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिन्होंने वर्तमान में सबसे ज्यादा दीक्षाएँ दी है?

उत्तर : श्री विद्यासागर जी मुनिराज

प्रश्न ४३३. वह कौन से मुनिराज थे, जो तारंगा जी से मोक्ष पधारे थे?

उत्तर : श्री वरदत्त जी, श्री सायदत्त जी महाराज प्रश्न ४३४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे धन्यकुमार ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री महावीर स्वामी जी

प्रश्न ४३५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘श्री नन्दीश्वर व्रत कथा’ में आया?

उत्तर : श्री अरिंजय मुनिराज

प्रश्न ४३६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘ऋषि मण्डल पूजा विधान’ लिखा है?

उत्तर : श्री गुणनंदि मुनिराज जी

प्रश्न ४३७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने राजा भोज के काल में ‘सुदर्शन चरित्र’ लिखा था?

उत्तर : श्री नयनन्दि मुनिराज

प्रश्न ४३८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे मैना सुन्दरी ने विधा अध्ययन किया था?

उत्तर : श्री मधर मुनिराज जी

प्रश्न ४३६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके निमित्त से द्वारिका नगरी जल गई थी?

उत्तर : श्री दीपायन मुनि

प्रश्न ४४०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें राक्षस समझकर लोगों ने पत्थर मारे थे?

उत्तर : श्री संजयन्त मुनिराज जी

प्रश्न ४४१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें ८ दिन तक लगातार व्यंतरी सताती रही थी?

उत्तर : श्री चिलाल पुत्र मुनिराज जी

प्रश्न ४४२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने त्रिलोक मण्डल हाथी का पूर्व भव बताया था?

उत्तर : श्री देशभूषण केवली

प्रश्न ४४३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि बड़ के वृक्ष के नीचे पार्श्वनाथ व नेमिनाथ की मूर्ति हैं? उत्तर : श्री सुगुप्त मुनिराज जी

प्रश्न ४४४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने वसुदेव और देवकी से कहा था तुम्हारे सात पुत्र होंगे?

उत्तर : श्री अतिमुक्तक जी मुनिराज

प्रश्न ४४५. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने भगवती अराधना पर विस्तार टीका लिखी थी?

उत्तर : विजयाचार्य जी मुनिराज

प्रश्न ४४६. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने ‘शान्ति भक्ति’ लिखी थी?

उत्तर : श्री पूज्यपाद स्वामी

प्रश्न ४४७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने गौतम स्वामी के मोक्ष जाते ही केवलज्ञान हो गया था?

उत्तर : श्री सुधर्म स्वामी जी

प्रश्न ४४८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें उज्जैन में 'महा प्रभ्माण की उपाधि मिली थी?

उत्तर : श्री मदनकीर्ति जी

प्रश्न ४४६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने संस्कृत में सिद्ध पूजा बनाई थी?

उत्तर : श्री पद्मनन्दि जी मुनिराज

प्रश्न ४५०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पक्षी को बचाने के लिए लड़के की मार खाई थी?

उत्तर : श्री मेदज मुनिराज जी

प्रश्न ४५१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने छत्र साल राजा को कुण्डलपुर में विशेष सहायता की थी?

उत्तर : श्री गुणसागर मुनि और श्री यशकीर्ति जी मुनि प्रश्न ४५२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने लातूर (महाराष्ट्र) शाखा का प्रारंभ किया था?

उत्तर : श्री अजितकीर्ति जी मुनिराज

प्रश्न ४५३. वह कौन से मुनिराज थे, कौन से मुनिराज थे, जिनपर सीतेन्द्र ने उपसर्ग किया था?

उत्तर : श्री रामचन्द्र जी मुनिराज

प्रश्न ४५४. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिनके प्रवचनों के लिए नैनागिरि में नाग-नागिन आते थे?

उत्तर : आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

प्रश्न ४५५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको सवा लाख भाई को सत्य धर्म पर लगाने का प्रायश्चित मिला था? उत्तर : श्री लोहाचार्य जी

प्रश्न ४५६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने २२वें उपवास पर २२ निमिष उपदेश दिया था?

उत्तर : श्री शान्ति सागर जी महाराज (दक्षिण)

प्रश्न ४५७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें 'तार्किक चूड़ामणि और वादिभ पंचानन की उपाधि मिली थी?

उत्तर : श्री सोमदेव सूरि

प्रश्न ४५८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने विष्णु जी से भगवान जिनेन्द्र देव की पूजा कराई थी?

उत्तर : श्री जीवनन्दि मुनिराज जी

प्रश्न ४५६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके सिर पर जलती हुई सिगड़ी रखी गई थी?

उत्तर : श्री गजकुमार मुनिराज जी

प्रश्न ४६०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके संघ पर रिष्टा मात्य ने उपसर्ग किया था?

उत्तर : श्री वृषभसेन मुनिराज जी

प्रश्न ४६१. वह कौन से मुनिराज (तीर्थंकर) थे, जिनका उपदेश सुनने मेंढक जा रहा था?

उत्तर : श्री महावीर स्वामी जी

प्रश्न ४६२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे सात्यिक मुनि ने (ज्येष्ठा) का पुत्र दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री समाधिगुप्त जी

प्रश्न ४६३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको दिखाकर सुल्तान अलाउद्दीन प्रभावित हुआ था?

उत्तर : श्री महावसेन (महासेन)

प्रश्न ४६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें तीन दिन तक लोमड़ी खाती रही?

उत्तर : श्री सुकुमाल मुनि

प्रश्न ४६५. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिनके सानिध्य में बजरंगगढ़ अतिशय क्षेत्र का जीर्णों द्वार हुआ था? उत्तर : श्री सुधासागर जी महाराज

प्रश्न ४६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने शेरनी को संबोधित किया था?

उत्तर : श्री कीर्तिधर जी

प्रश्न ४६७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे हनुमानजी ने दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री धर्मरत्न जी मुनिराज

प्रश्न ४६८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘योनि प्राभृत’ ग्रन्थ लिखा था?

उत्तर : श्री धरसेन जी आचार्य

प्रश्न ४६६. वह कौन से मुनिराज थे, जो पवाजी (पवागिरि, ललितपुर) से मोक्ष पधारे?

उत्तर : श्री स्वर्णभद्र मुनि आदि

प्रश्न ४७०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कुमार की लड़की से शादी कर ली तथा पुनः मुनि दीक्षा धारण कर ली थी? उत्तर : श्री माधनन्दि जी आचार्य

प्रश्न ४७१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘श्री मौन एकादशी व्रत कथा’ में आया है?

उत्तर : श्री पिहितास्त्र मुनिराज जी

प्रश्न ४७२. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके उपदेश से मुगा-मुर्गी को जातिस्मरण हो गया था?

उत्तर : श्री सुदत्त आचार्य जी

प्रश्न ४७३. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने लिखा है कि, 'गधे के सींग तो हो सकते हैं मगर ग्रहस्थ का उत्तम ज्ञान नहीं हो सकता?

प्रश्न ४७४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने आचार्य श्री विमल सागर जी महाराज ने तंत्र-मंत्र सीखे थे?

उत्तर : श्री सुधर्मसागर जी महाराज

प्रश्न ४७५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें देखकर जाति स्मरण हो गया था?

उत्तर : श्री कमलगर्भ जी एवं अरविन्द मुनिराज जी प्रश्न ४७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे अकृत पुण्य ने खीर खाने के लिए कहा था?

उत्तर : श्री सुब्रत मुनिराज

प्रश्न ४७७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें राजा श्रेयांस ने प्रथम आहार दिया था?

उत्तर : श्री आदिनाथ जी मुनिराज

प्रश्न ४७८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने वामुन ब्राह्मण का भेष धारण किया था?

उत्तर : श्री विष्णु कुमार मुनिराज

प्रश्न ४७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें चन्दना ने ऋतुमास में आहार दिया था, तो तीसरे दिन पति सहित कुष्ट रोग हो गया था?

उत्तर : श्री अतिमुक्तक जी मुनिराज

प्रश्न ४८०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ५०० पुत्रों के साथ मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री यमसागर जी महाराज

प्रश्न ४८१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें पशुओं को बंधा देखकर वैराग्य हो गया था?

उत्तर : श्री नेमिनाथ जी मुनिराज

प्रश्न ४८२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि जो गुरु से नियम लेकर तोड़ देता है उसे १००० मन्दिर तुड़वाने का पाप लगता है?

उत्तर : श्री श्रुतसागर जी मुनिराज

प्रश्न ४८३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके द्वारा ६ माह तक लाश लेकर घूमता देखकर वैराग्य हो गया था?

उत्तर : श्री लवण एवं अंकुश जी मुनिराज

प्रश्न ४८४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें शिलालेखों में ‘महाधिक एवं तर्क भू वल्लभं’ से विभूषित किया था? उत्तर : श्री अंकलक स्वामी जी

प्रश्न ४८५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने सिकन्दर से कहा था कि रास्ते में ही प्राण पखेरू उड़ जावेंगे? उत्तर : श्री कल्याण सागर जी मुनिराज

प्रश्न ४८६. वह कौन से मुनिराज थे, जो सूर्य की ओर मुंह करके रहते थे?

उत्तर : श्री सोमदत्त मुनिराज एवं श्री संजजन्त मुनि प्रश्न ४८७. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिन्होंने अपने ग्रहस्थ के माता-पिता को दीक्षा दी थी?

उत्तर : आचार्य श्री विद्यासागर जी

प्रश्न ४८८. वह कौन से मुनिराज थे, जो महावीर स्वामी के प्रथम अन्तःकरण केवली थी?

उत्तर : श्री नमिजी मुनिराज

प्रश्न ४८६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने सिंह को धर्मोपदेशन सुनाया था?

उत्तर : श्री अमितकीर्ति जी मुनिराज

प्रश्न ४६०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पंडित आशाधर का बहुत अभिनन्दन किया था?

उत्तर : श्री उदयसेन मुनिराज (दिगम्बर)

प्रश्न ४६१. वह कौन से मुनिराज (तीर्थंकर) थे, जो विदेश से मोक्ष गये थे?

उत्तर : श्री आदिनाथ जी

प्रश्न ४६२. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने सिद्ध भगवान के १२ मूलगुण लिखे थे?

उत्तर : श्री पुष्पदंत जी भूतबली जी

प्रश्न ४६३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने विजयपुर नरेश कुन्ति भोज के दरबार में अनेक विद्वानों को परास्त किया था? उत्तर : श्री मदन कीर्ति जी

प्रश्न ४६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी दिव्य ध्वनि, बिना गणधर के खिरी थी?

उत्तर : श्री आदिनाथ जी मुनिराज

प्रश्न ४६५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें अवतार फिल्म देखकर वैराग्य हुआ था?

उत्तर : श्री कल्याण सागर जी मुनिराज

प्रश्न ४६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको सम्मेव शिखर जी ने १५० बैलों के झुण्ड में से निकलकर ४ बैलों ने नमस्कार किया था?

उत्तर : श्री शान्तिसागर जी महाराज (दक्षिण)

प्रश्न ४६७. वह कौन से मुनिराज थे, जब सगर चक्रवर्ती का जन्म हुआ था? तब उन्हें केवल ज्ञान हुआ था?

उत्तर : श्री चतुर्मुख जी मुनिराज

प्रश्न ४६८. वह कौन से मुनिराज थे, जो पार्श्वनाथ के काल के मुनि थे पीछे गौतम बुद्ध के शिष्य बन गये?

उत्तर : श्री मौदगलायन

प्रश्न ४६६. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने अपने काल में ६,६३८ उपवास किये थे?

उत्तर : श्री शान्तिसागर जी मुनिराज

प्रश्न ५००. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें रामचन्द्र के दादाजी ने मुनि दीक्षा दी थी?

उत्तर : श्री अभयसेन जी मुनिराज (दक्षिण)

प्रश्न ५०१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने टीकनगढ़ में २१ नारियल की आहार की विधि की थी?

उत्तर : श्री उदयकीर्ति जी मुनिराज

प्रश्न ५०२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने षटखण्डागम की चौथी टीका लिखी थी?

उत्तर : श्री तुम्बूलूर जी मुनिराज जी

प्रश्न ५०३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी प्रेरणा से जयपुर में ज्ञानोदय तीर्थ बन रहा है?

उत्तर : श्री सुधासागर जी मुनिराज

प्रश्न ५०४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘श्री निःशल्य अष्टमी व्रत’ कथा आया है?

उत्तर : श्री नन्द मुनिराज जी

प्रश्न ५०५. वह कौन से मुनिराज थे, ११०५ दिन बाद आहार ग्रहण किया था?

उत्तर : श्री शान्तिसागर जी महाराज (दक्षिण)

प्रश्न ५०६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मेंढक का पूर्व भव बताया था?

उत्तर : श्री सुब्रत मुनिराज जी

प्रश्न ५०७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने सोलंकियों की राजधानी अणहिलपुर षप्टन में ग्रन्थ की रचना की थी? उत्तर : श्री चन्द्र मुनिराज जी

प्रश्न ५०८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अजगर की आयु १५ दिन की जानकर ५ अणुव्रतों का उपदेश दिया था? उत्तर : श्री सारस्वत मुनिराज जी

प्रश्न ५०६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि ‘यह रूप बदला नहीं जाता है’?

उत्तर : श्री ब्रह्म गुलाल जी

प्रश्न ५१०. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिनने ‘पंचास्तिकाय पर’ तत्व पर प्रदीपिका टीका लिखी थी?

उत्तर : श्री अमृत चन्द मुनिराज जी

प्रश्न ५११. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका वाद-विवाद श्वेताम्बराचार्य श्री देवसूर्य में हुआ था?

उत्तर : श्री कुमुद नन्दि जी

प्रश्न ५१२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने दो प्रायश्चित ग्रन्थ लिखे हैं? (कोई दो नाम)

उत्तर : १. श्री वीरसेन आचार्य २. श्री अंकलक देव जी प्रश्न ५१३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको आहार में एक महीला ने त्यागी वस्तु दे दी थी उसके प्रायश्चित में उन्होंने उपवास किये थे?

उत्तर : श्री महावीर कीर्ति जी महाराज जी (फिरोजाबाद) प्रश्न ५१४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मुनि संभव सागर जी को स्थवीर पद दिया था?

उत्तर : श्री महावीर कीर्ति जी महाराज जी

प्रश्न ५१५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने आत्मा की ४७ शाक्तियों का वर्णन किया था?

उत्तर : श्री अमृत चन्द्र आचार्य

प्रश्न ५१६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने एक माह तक उपवास धारण किया था? और उन्हें अमित तेज ने आहार दिया था?

उत्तर : श्री दमवर जी मुनिराज

प्रश्न ५१७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें शिलालेखों में ‘अकलंक भानु’ कहा है?

उत्तर : श्री अंकलक स्वामी जी

प्रश्न ५१८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने धीवर को पंच नमस्कार सिखाया था?

उत्तर : श्री यशोधर जी मुनिराज

प्रश्न ५१६. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने महावीर, स्वामी को युक्ति पूर्वक परीक्षा करने के बाद उन्हें ‘आप्त’ रूप में स्वीकार किया था?

उत्तर : श्री समन्तभद्र मुनिराज जी

प्रश्न ५२०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने नमियाड़ देश में जिनधर्म के प्रचार के लिए २,००० उपदेशकों को नियुक्त किया था? उत्तर : श्री ज्ञानभूषण जी मुनिराज

प्रश्न ५२१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने सुबह मुनि दीक्षा ली थी और उसी रात्रि में अवधि ज्ञान हो गया था?

उत्तर : श्री रामचन्द्र जी मुनिराज

प्रश्न ५२२. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिन्हें आचार्य श्री महावीर कीर्ति जी महाराज ने गणधराचार्य पद दिया था? उत्तर : श्री कुन्थुसागर जी महाराज

प्रश्न ५२३. वह कौन से मुनिराज थे, जो आदिनाथ के अंतिम गणधर थे?

उत्तर : श्री अनुपम जी महाराज

प्रश्न ५२४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम खजुराहों के घटाई मन्दिर के शिलालेखों पर लिखा है?

उत्तर : श्री नेमिचन्द्र जी महाराज

प्रश्न ५२५. वह कौन से मुनिराज थे, श्रावक की अज्ञानता के कारण ३ माह तक आहार में सिर्फ चावल ही खाते रहे? उत्तर : श्री शान्तिसागर जी महाराज (दक्षिण)

प्रश्न ५२६. वह कौन से मुनिराज थे, (दो चारण ऋद्धि धारी) जिनसे विजय ने (शान्तिनाथ की कथा) अपना पूर्वभव पूछा था? उत्तर : श्री अमगुरू श्री देवगुरू

प्रश्न ५२७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने जिन को ब्रह्म, शान्त, शिव व बुद्ध की संज्ञा दी है?

उत्तर : श्री योगिन्द्र जी

प्रश्न ५२८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने चारों दिशाओं में मुख करके आठ-आठ उपवास किये थे?

उत्तर : श्री देवेन्द्र सिद्धान्तिक जी

प्रश्न ५२६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें सोमदेव आचार्य नीति वाक्यामृत में ५५ महावादियों को पराजित किया लिखा है? उत्तर : श्री नमिदेव मुनिराज

प्रश्न ५३०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पाणिनी की व्याकरण पत्र ‘शब्दावली’ नाम का उपन्यास लिखा था? उत्तर : श्री पूज्यपाद स्वामी जी

प्रश्न ५३१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें अभय भाषा कवि चक्रवर्ती की उपाधि थी?

उत्तर : श्री श्रुतसागर जी मुनिराज

प्रश्न ५३२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन पर व्यन्तरि ने गुप्त रीति से ७ दिन तक उपसर्ग किया था?

उत्तर : श्री सकलभूषण जी मुनिराज

प्रश्न ५३३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके निमित्त से वेश्या ने आर्यिका दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री प्रियांग मुनिराज जी

प्रश्न ५३४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें भामण्डल ने आहार दिया था?

उत्तर : श्री धुति भट्टारक जी

प्रश्न ५३५. वह कौन से मुनिराज थे (२०वीं सदी के), जिनके पूजन से प्राणहीन आम के वृक्ष में आम लगने लगे थे? उत्तर : श्री शान्तिसागर जी महाराज (दक्षिण)

प्रश्न ५३६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके उपदेश से पृथ्वी ने भोराकुरी गांव विजोलियां के पार्श्वनाथ जी मन्दिर दिया था?

उत्तर : श्री पद्मनन्दि जी वक्षी शुभचन्द्र जी

प्रश्न ५३७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हे विजय माता व सुमति पुत्री ने आहार दिया था?

उत्तर : श्री दमदर मुनिराज जी

प्रश्न ५३८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके ३०० शिष्य थे उनमें ७२ शिष्य उच्च कोटि के विद्वान और व्याख्यान पट्ट थे? उत्तर : श्री देवेन्द्र सैन्दिक जी

प्रश्न ५३६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनको बहु ने अपनी ३ वर्ष की और सास की आयु ६ मा बताई थी?

उत्तर : श्री अभयनन्दि जी मुनिराज

प्रश्न ५४०. वह कौन से मुनिराज थे, जो वज्र कुमार मुनिराज के साथ रहते थे?

उत्तर : श्री सोमदत्त जी मुनिराज

प्रश्न ५४१. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी वाद-विवाद की शक्ति को देखकर मुग्ध होकर गौड़ देश का राजा प्रजापति बौद्ध से जैनी बना था?

उत्तर : श्री मतिसागर मुनिराज

उत्तर : श्री जम्बू स्वामी जी मुनिराज

प्रश्न ५४३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने १२००० श्लोक प्रमाण ‘कर्म प्राभ्रत’ टीका लिखी थी?

उत्तर : श्री कुन्द-कुन्द स्वामी जी

प्रश्न ५४४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ५ स्तुतियाँ महावीर भगवान को ही उद्देशित कर लिखी थी?

उत्तर : श्री सिद्धसेन जी मुनिराज

प्रश्न ५४५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें दीक्षा के दिन केवल ज्ञान प्राप्त हुआ था? (कोई दो)

किन्हीं विशेष परिस्थितियों में धर्मकार्य के लिए रात में बोल सकते हैं?

प्रश्न ८४४. मुनिराज के नाम के पहले १०८ क्यों लगाते हैं? उत्तर : पाप आने के १०८ द्वार हैं, मुनिराज के उन द्वारों को बंद कर दिया है अतः उनके नाम के पूर्व १०८, लगाते हैं। जैसे- मन, वचन, काय, कृत, कारित, अनुमोदना, समरंभ, समारंभ, आरंभ और क्रोध माय, मान, लोभ ये पाप आस्त्रव के कारण हैं। इन चारों को परस्पर में गुणा करने से १०८, गुणफल आता है। प्रश्न ८४५. मुनिराज के नाम के पीछे सागर क्यों लगाते हैं? उत्तर : जैसे सागर, सारी नदियां, नालों को अपने में समाहित कर लेता है वैसे ही मुनिराज का हृदय सागर के समान विशाल व उदार होता है इसलिए उनके नाम के पीछे सागर लगाते हैं।

प्रश्न ८४६. क्या मुनिराज बीमारी की स्थिति में दो बार आहार कर सकते हैं?

उत्तर : नहीं मुनिराज चौबीस घंटे में एक बार आहार ग्रहण करते हैं।

प्रश्न ८४७. क्या मुनिराज जैन के अलावा क्षत्रिय, ब्राह्मण आदि के हाथों का आहार ले सकते हैं?

उत्तर : मुनिराज ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य इन तीन वर्षों के हाथ का आहार ग्रहण कर सकते हैं शर्त यह है कि ये सदाचारी हों, एवं जिनेन्द्र भगवान के आराधक हों, शुद्र के यहां मुनिराज आहार ग्रहण नहीं कर सकते।

प्रश्न ८४८. क्या मुनिराज बीमार स्थिति में वाहन का उपयोग कर सकते हैं?

उत्तर : नहीं मुनिराज वाहन के त्यागी होते हैं? बीमारी की स्थिति में डोली का उपयोग कर सकते हैं बाद में उनका भी प्रायश्चित कर सकते हैं?

प्रश्न ८४६. भगवान महावीर का तीर्थंकर क्रम कौन सा स्थान है?

उत्तर : २४वां

प्रश्न ८५०. महावीर के जन्म दिवस के उपलक्ष्य में जैन समाज कौन सा पर्व मानता है?

उत्तर : महावीर जयन्ति

प्रश्न ८५१. महावीर स्वामी के कुल कितने नाम हैं? उत्तर : पाँच

प्रश्न ८५२. हाथी को वश में करने के कारण महावीर का क्या नाम पड़ा?

उत्तर : महावीर

प्रश्न ८५३. महावीर स्वामी को कहां से मोक्ष हुआ? उत्तर : पावापुर

प्रश्न ८५४. महावीर स्वामी के छः महा के उपवास के पश्चात् किसने आहार दिया?

उत्तर : चन्दनबाला ने

प्रश्न ८५५. भगवान महावीर का क्या चिन्ह है? उत्तर : सिंह

प्रश्न ८५६. महावीर स्वामी का जन्म का क्या नाम था? उत्तर : वर्धमान

प्रश्न ८५७. भगवान महावीर कितने वर्ष की उम्र में दीक्षित हुए?

उत्तर : ३० वर्ष

प्रश्न ८५८. महावीर स्वामी ने कितने वर्ष तक तपस्या की? उत्तर : १२ वर्ष

प्रश्न ८५६. महावीर स्वामी ने कितने वर्ष की उम्र में मोक्ष प्राप्त किया?

उत्तर : ७२ वर्ष

प्रश्न ८६०. महावीर की मौसी का क्या नाम था? उत्तर : चन्दनबाला

प्रश्न ८६१. भगवान महावीर की माँ ने कितने सपने देखे थे? उत्तर : सोलह

प्रश्न ८६२. बालक महावीर को इन्द्र ने किस हाथी पर बिठाया था?

उत्तर : ऐरावत हाथी पर

प्रश्न ८६३. भगवान महावीर के निर्वाण के दिन किसे केवल ज्ञान हुआ?

उत्तर : गौतम स्वामी

प्रश्न ८६४. महावीर स्वामी के लिए बाल्यकाल में भोजन कहां से आया था?

उत्तर : स्वर्ग से

प्रश्न ८६५. महावीर स्वामी ने विवाह किया था क्या यह सही है?

उत्तर : नहीं

प्रश्न ८६६. महावीर के शरीर का रक्त किसके समान था? उत्तर : दुग्ध के समान (सफेद)

प्रश्न ८६७. राजा सिद्धार्थ कहां के राजा थे? उत्तर : कुण्डलपुर

प्रश्न ८६८. महावीर का जन्म किस तिथि को हुआ था? उत्तर : चैत्र सुदी तेरस

प्रश्न ८६६. महावीर स्वामी की माँ किसकी पुत्री थी? उत्तर : चेटक राजा

प्रश्न ८७०. केवल ज्ञान होने के बाद ६६ दिन तक महावीर मौन क्यों बैठे रहे?

उत्तर : गणधर नहीं थे

प्रश्न ८७१. भगवान महावीर का जन्माभिषेक कहाँ हुआ था? उत्तर : सुमेरु पर्वत (पांडुक शिला)

प्रश्न ८७२. महावीर स्वामी के अभिषेक के लिए जल कहाँ से लाया गया था?

उत्तर : क्षीर सागर

प्रश्न ८७३. चन्दनबाला को तलघर में डालने वाली सेठानी का नाम क्या था?

उत्तर : सुभद्रा सेठानी

प्रश्न ८७४. महावीर के गर्भ के आते ही कुबेर ने कितने माह तक रत्नों की वर्षा की?

उत्तर : नौ माह

प्रश्न ८७५. एक महावीर का परम भक्त नरक गया उ सका क्या नाम था?

उत्तर : राजा श्रेणिक

प्रश्न ८७६. महावीर जहां विराजते थे वहां उस घाट पर एक साथ पानी कौन पीते थे?

उत्तर : शेर-गाय

प्रश्न ८७७. भगवान की माता त्रिशला का दूसरा नाम क्या था? उत्तर : प्रियकारिणी

प्रश्न ८७८. राजा श्रेणिक ने महावीर स्वामी के कितने प्रश्न पूछे थे?

उत्तर : साठ हजार

प्रश्न ८७६. महावीर के समवशरण में कितनी अर्यिकायें थी? उत्तर : ३६०००

प्रश्न ८८०. गौतम स्वामी का मान क्या देखने से गल गया? उत्तर : मान स्तम्भ

प्रश्न ८८१. महावीर के समवशरा में कितने मुनिराज थे? उत्तर : ६४०००

प्रश्न ८८२. महावीर स्वामी जनम से ही कितने ज्ञान धारी थे? उत्तर : तीन

प्रश्न ८८३. महावीर के केवल ज्ञान किस नदी के तट पर हुआ?

उत्तर : ऋजुकुला

प्रश्न ८८४. सर्प बनकर महावीर की परीक्षा लेने वाले देव का क्या नाम था?

उत्तर : संगम देव

प्रश्न ८८५. महावीर स्वामी को मोक्ष किस तिथि को हुआ था? उत्तर : कार्तिक शुक्ला ३० अमावस्या

प्रश्न ८८६. महावीर को सन्मति नाम देने वाले दोनों मुनिराजों का क्या नाम था?

उत्तर : संजय-विजय

प्रश्न ८८७. ऐसे तीर्थंकर का नाम लिखिए जिसका आदि और अन्त का अक्षर जोड़ने से जंगल का पर्यायवाची शब्द बन जाता है? उत्तर : वर्धमान (व + न + वन + जंगल)

प्रश्न ८८८. तीर्थंकर महावीर के कितने गणधर थे? उत्तर : ११

प्रश्न ८८६. महावीर ने क्या कहा?

उत्तर : जिओ और जीने दो

प्रश्न ८६०. महावीर स्वामी की गर्भ अवतरण तिथि क्या है? उत्तर : आषाढ़ शुक्ल ६

प्रश्न ८६१. महावीर स्वामी किस वंश के थे?

उत्तर : नाथ वंश

प्रश्न ८६२. महावीर स्वामी के तप कल्याणक की तिथि क्या है?

उत्तर : मगसिर सुदी १० दशमी

प्रश्न ८६३. महावीर स्वामी का उज्जयनि के श्मशान से किसने उपसर्ग किया था?

उत्तर : स्थाणुरुद्र देव

प्रश्न ८६४. पार्श्वनाथ निर्वाण के कितने वर्ष बाद महावीर स्वामी मोक्ष गये?

उत्तर : २५० वर्ष

प्रश्न ८६५. भगवान महावीर का प्रथम धर्म उपदेश किस तिथि को हुआ था?

उत्तर : श्रावण वदी १ एकम्

प्रश्न ८६६. भगवान महावीर का जीव मरीचि भरत चक्रवर्ती का क्या लगता था?

उत्तर : पुत्र

प्रश्न ८६७. भगवान महावीर के शरीर का वर्ण क्या था? उत्तर : स्वर्ण सदृश

प्रश्न ८६८. महावीर स्वामी के समवशरण में कितने केवलज्ञानी थे?

उत्तर : ७००

प्रश्न ८६६. अभी पाँच परमेष्ठि में महावीर स्वामी कौन से परमेष्ठि हैं?

उत्तर : सिद्ध परमेष्टि

प्रश्न ६००. महावीर स्वामी की प्रमुख शिष्या कौन थी? उत्तर : चन्दनबाला

प्रश्न ६०१. महावीर स्वामी के बाद कितने अनुबद्ध केवली हुए? उत्तर : तीन

प्रश्न ६०२. चेलना रानी महावीर स्वामी की क्या लगती थी? उत्तर : मौसी

प्रश्न ६०३. ‘वर्धमान चरित’ के लेखक कौन हैं? उत्तर : असगकवि

प्रश्न ६०४. भील जो भगवान महावीर बना, क्या नाम था? उत्तर : पुरूरवा

प्रश्न ६०५. पुरवा भील को सम्बोधन देने वाले मुनिराज का क्या नाम था?

उत्तर : सागर सैन मुनि

प्रश्न ६०६. भगवान महावीर के ज्ञान कल्याणक की तिथि क्या है?

उत्तर : बैसाख सुदी १०

प्रश्न ६०७. भगवान महावीर के दादा का क्या नाम था? उत्तर : श्री सर्वार्थ

प्रश्न ६०८. भगवान महावीर की दादी का नाम क्या था? उत्तर : श्री मति

प्रश्न ६०६. भगवान महावीर की नानी का नाम क्या था? उत्तर : सुभद्रा

प्रश्न ६१०. भगवान महावीर के नाना का नाम क्या था? उत्तर : चेटक

प्रश्न ६११. भगवान महावीर के कितने मामा थे? उत्तर : भगवान महावीर के १० मामा थे- १. धनदत्त २. धनभद्र ३. उपेन्द्र ४. सुदत्त ५. सिंहभद्र ६. अक्मपन ७. तपंगक ८. प्रभंजक ६. प्रभास १०. सुकम्भोज

प्रश्न ६१२. भगवान महावीर की कितनी मौसियाँ थी? उत्तर : भगवान महावीर की छः मौसियाँ थी-

१. मृगावती २. सुप्रभा ३. प्रभावती ४. चेलना ५. चन्दना ६. ज्येष्ठा

प्रश्न ६१३. भगवान महावीर के कितने मौसा थे? उत्तर : भगवान महावीर के चार मौसा थे-

१. श्रेणिक २. शतनिक ३. इयन ४. दशरथ

प्रश्न ६१४. राजा श्रेणिक कहाँ के रहने वाले थे? उत्तर : राजगह के राजा, चेलना के पति

प्रश्न ६१५. राजा सतनिक कहाँ के राजा थे?

उत्तर : कौशाम्बी के राजा मृगावती के पति

प्रश्न ६१६. राजा उदयन कहाँ के राजा थे?

उत्तर : कच्छ देश के रोरुक, प्रभावती के पति प्रश्न ६१७. राजा दशरथ कहां के राजा थे?

उत्तर : दशावी देश के हेम कच्द नगरी सुप्रभा के पति प्रश्न ६१८. भगवान महावीर के पिता का क्या नाम था? उत्तर : सिद्धार्थ।

उत्तर : अकलंक मुनिराज

प्रश्न ८०८. वह कौन से मुनिराज थे, जो विवाह के एक दिन बाद दीक्षित हुए थे?

उत्तर : जम्बू स्वामी मुनिराज

प्रश्न ८०६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने बल ऋद्धि से कैलाश पर्वत दबाया था?

उत्तर : बालि मुनिराज

प्रश्न ८१०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें कानी स्त्री से मोह था फिर दूर हुआ?

उत्तर : पुष्पडाल मुनिराज

प्रश्न ८११. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें जलते नाग नागिन को देखकर वैराग्य हुआ?

उत्तर : पार्श्वनाथ तीर्थकर

प्रश्न ८१२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन पर सीतेन्द्र ने उपसर्ग किया था?

उत्तर : राममुनि

प्रश्न ८१३. वह कौन थे, जिन्होंने युद्ध में हाथी पर बैठे-बैठे केशलोंच किया?

उत्तर : राजा मधु

प्रश्न ८१४. वे कौन थे जिन्हें सूली पर चढ़ाते ही सूली सिंहासन हो गई थी?

उत्तर : सुदर्शन सेठ

प्रश्न ८१५. वह कौन थे, जो इस युग के प्रथम आहार दाता हैं? उत्तर : राजा श्रेयांस

प्रश्न ८१६. वह कौन थे, जिनके गिरने से शिला चूर-चूर हो गई?

उत्तर : हनुमान जी

प्रश्न ८१७. वह कौन थे, जिनकी सांस से शिला हिल रही थी? उत्तर : प्रधुम्न कुमार

प्रश्न ८१८. वह कौन थे, जिन्होंने अपने स्वबल तैरकर समुद्र पार किया था?

उत्तर : श्रीपाल राजा

प्रश्न ८१६. वह कौन थे, जिन्हें हाथी के पैर के नीचे कुचला गया?

उत्तर : पंडित टोडरमल जी

प्रश्न ८२०. वह कौन थे, जिन्होंने धर्म के लिए भाई की जान बचाकर अपने प्राण दिये?

उत्तर : निकलंक

प्रश्न ८२१. वह कौन थे, जिन्होंने चारण ऋद्धि मुनि को आगम के प्रतिकूल समझकर आहार नहीं किया?

उत्तर : अर्हत्त

प्रश्न ८२२. वह कौन थे, जिन्होंने घर में घुसे चोर को धन ले जाने में सहायता की?

उत्तर : पं. बनारसी दासजी

प्रश्न ८२३. वह कौन थे, जिन्होंने कुत्ते को णमोकार मंत्र सुनाया था?

उत्तर : जीवंधर स्वामी

प्रश्न ८२४. वह कौन थे, जिन्होंने न्याय के कारण भाई का साथ नहीं दिया?

उत्तर : विभीषण

प्रश्न ८२५. वह कौन थे, जिन्होंने श्रवणबेल गोला में बाहुबली की मूर्ति बनवाई?

उत्तर : चामुण्डराय राजा

प्रश्न ८२६. वह कौन थे, जिनका जन्म कारागार में हुआ था? उत्तर : श्री कृष्ण

प्रश्न ८२७. वह कौन थे, जो णमोकार मन्त्र की अविनय से सप्तम नरक गये थे?

उत्तर : सुभौम चक्रवती

प्रश्न ८२८. वह कौन थे, जो असत्य बोलने के कारण सिंहासान सति नरक गये?

उत्तर : राजा बसु

प्रश्न ८२६. वह कौन थे, जो पूजन में इतने लीन हो गये कि पुत्र के मरण की खबर से भी विचलित नहीं हुए?

उत्तर : धनंज्जय

प्रश्न ८३०. वह कौन थे, ‘देवशास्त्र गुरु’ के सिवा किसी को नमस्कार नहीं करूंगा ऐसा नियम लिया?

उत्तर : विजय सेठ और विजय सेठानी

प्रश्न ८३१. वो कौन थी जिन्होंने पुत्र को जन्म देते ही उनके पुत्र को बैरी देव उठा ले गया था?

उत्तर : रुक्मणी

प्रश्न ८३२. वह कौन थी जिन्होंने अपने पति को सन्मार्ग पर लगाया?

उत्तर : चेलना रानी

प्रश्न ८३३. वह कौन थी जिनके शरीर से स्पर्शित जल से राग दूर हो जाता था?

उत्तर : विशल्या रानी

प्रश्न ८३४. वह कौन थी जिन्होंने अपने पिता के स्वाभिमान के लिए विवाह नहीं किया था?

उत्तर : ब्राह्मी और सुन्दरी

प्रश्न ८३५. वह कौन थी जिन्होंने युद्ध में अपने पति की सहायता की थी?

उत्तर : कैकयी रानी

प्रश्न ८३६. वह कौन थी जिन्होंने क्रोध के कारण अनेक कष्ट सहे फिर क्रोध छोड़ दिया?

उत्तर : तुकांरी

प्रश्न ८३७. वह कौन थी जिनके पति ने उनको जुए में हारा था?

उत्तर : द्रोपदी

प्रश्न ८३८. वह कौन थी जिन्होंने अपने पति के दीक्षा लेने पर स्वयं ने भी दीक्षा ली थी?

उत्तर : राजुल

प्रश्न ८३६. मुनि के बाह्य चिन्ह कितने हैं?

उत्तर : मुनि के बाह्य चिन्ह ४ हैं-

१. नग्नता २. शरीर संस्कार हीनता ३. केशलोंच ४. मयूर पिच्छका।

प्रश्न ८४०. मुनि अपने पास कितने उपकरण रखते हैं? उत्तर : मुनि अपने पास ३ उपकरण (पिच्छि) २. शौच उपकरण (कमंडल) ३. ज्ञान उपकरण (शास्त्र)

प्रश्न ८४१. पिच्छि में कितने गुण पाये जाते हैं? उत्तर : पिच्छि में पांच गुण पाये जाते हैं-

१. मृदुता २. लघुता ३. सुकुमारता ४. अगृहणता ५. सुन्दरता प्रश्न ८४२. क्या मुनिराज नदी पार कर सकते हैं, नाव में बैठ सकते हैं?

उत्तर : हाँ अगर घुटनों तक पानी है तब तो पैदल नदी पार कर सकते हैं और ज्यादा पानी है तो कदाचित नाव में भी बैठ सकते हैं?

प्रश्न ८४३. क्या मुनिराज रात में बोल सकते हैं? उत्तर : साधारणतः मुनिराज रात में मौन रखते हैं, लेकिन उत्तर : श्री भरतचक्री मुनिराज एवं श्री गजकुमार मुनिराज प्रश्न ५४६. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जो आचार्य श्री ज्ञानसागर जी महाराज के ‘जीवित महाकाव्य’ हैं?

उत्तर : आचार्य श्री विद्यासागर जी महाराज

प्रश्न ५४७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें गुरू के प्रथम दर्शन से ही वैराग्य हो गया था, उनके २४००० मुनिराज शिष्य थे? उत्तर : श्री भद्रबाहु स्वामी जी

प्रश्न ५४८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम रोहिणी व्रत कथा में आया है?

उत्तर : श्री चारण मुनिराज व अमृतसेन मुनिराज

प्रश्न ५४६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें अन्तर मुहूर्त में केवल ज्ञान हुआ था?

उत्तर : श्री भरत चक्रवर्ती

प्रश्न ५५०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें आहार के समय प्रकृति के विरुद्ध वस्तु खाने से कोढ़ हो गया था? उत्तर : श्री सनतकुमार जी मुनिराज

प्रश्न ५५१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने विधाओं से कहा था कि जाओ मथुरा के राजा को मार आओ?

उत्तर : श्री विशिष्ट मुनिराज जी

प्रश्न ५५२. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने ‘कातंत्र रूप माला’ (व्याकरण) लिखी थी?

उत्तर : श्री सर्ववर्म मुनिराज जी आचार्य

प्रश्न ५५३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनहें दर्पण देखकर वैराग्य हो गया था?

उत्तर : श्री शान्तिनाथ जी तीर्थंकर

प्रश्न ५५४. वह कौन से मुनिराज थे, जो १०० शिष्यों के अनुज और १०० शिष्यों के पूर्वज थे?

उत्तर : श्री सोमदेव जी (परमणी के ताम्रपात्र में) प्रश्न ५५५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने मुनि बनने के लिए तीन दिन मांगे थे?

उत्तर : श्री ब्रह्म गुलाल मुनिराज

प्रश्न ५५६. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिनका अपरनाम ‘पण्डसवण’ था?

उत्तर : श्री धरसेन मुनिराज

प्रश्न ५५७. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके उपदेश से सोमेश्वर राजा ने रेवण नामक गांव विजौलियां के पार्श्वनाथ मन्दिर को दिया था?

उत्तर : श्री पद्मन्दि वश्री शुभचन्द्र जी महाराज प्रश्न ५५८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने लिखा है कि मानव देह को पाकर विषय कषायों में लगाया वह आत्मअधाती है? उत्तर : श्री योगिन्दु जोदन्दु आचार्य

प्रश्न ५५६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी तपोभूमि अतिशय क्षेत्र वजरंग गढ़ गुन कहलाती है?

उत्तर : श्री गुणधर स्वामी जी

प्रश्न ५६०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘संगीत समयसार’ ग्रंथ लिखा है?

उत्तर : श्री पार्श्वदेव जी महाराज

प्रश्न ५६१. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिन्होंने सारे देश में भगवान का २५००वां निर्माण दिवस मनवाया था?

उत्तर : राष्ट्रीय संत आचार्य श्री विद्यानन्द जी महाराज प्रश्न ५६२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ३ वर्ष १२ दिन बाद अन्नहार (रक्षाबन्धन के दिन) ग्रहण किया था? उत्तर : श्री शान्तिसागर जी महाराज

प्रश्न ५६३. वह कौन से मुनिराज (२०वीं सदी के) थे, जो १८ भाषाओं के विद्वान थे?

उत्तर : आचार्य श्री महावीर कीर्ति जी महाराज

प्रश्न ५६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम श्रावण द्वादशी व्रत कथा में आया है?

उत्तर : श्री श्रवणोत्तम मुनिराज जी

प्रश्न ५६५. वह कौन से मुनिराज थे, जिनसे पुष्पडाल ने मुनि दीक्षा ली थी?

उत्तर : श्री वारिषेण जी मुनिराज

प्रश्न ५६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी प्रेरणा से कवि अंसग ने ‘वर्धमान-चारित’ ग्रन्थ की रचना की है? उत्तर : श्री आर्यनन्दी जी मुनिराज

प्रश्न ५६७. वह कौन से मुनिराज (महान आचार्य) थे, जिनका समाधिमरण २६ जनवरी १६६२ को हुआ था?

उत्तर : श्री महावीर कीर्ति जी मुनिराज

प्रश्न ५६८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘पाहुड़ दोहा’ की रचना की थी?

उत्तर : श्री रामसिंह जी मुनिराज

प्रश्न ५६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें ८४ विवदों का बतलाया गया है?

उत्तर : श्री कुमुदचन्द्र जी महाराज

प्रश्न ५७०. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने जयपुर के पाटोदी मन्दिर में खड्गासन मुद्रा में चौबीसी विराजमान करवाई थी?

उत्तर : श्री वामिलसेन भट्टारक

प्रश्न ५७१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ७८००० श्लोक प्रमाण शास्त्र लिखा था?

उत्तर : श्री वारिसेन मुनिराज जी

प्रश्न ५७२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अहिंसा को परम धर्म कहा था?

उत्तर : श्री अमृतचन्द्र जी आचार्य

प्रश्न ५७३. वह कौन से मुनिराज थे (हैं), जिन्होंने समयसार ग्रन्थ की कन्नड़ टीका लिखी थी?

उत्तर : श्री बाल ब्रह्मचारी

प्रश्न ५७४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनकी ‘रूप जो बदला नहीं जाता’ कहानी है?

उत्तर : श्री ब्रह्म गुलाल जी मुनिराज

प्रश्न ५७५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें लंका में केवल ज्ञान हुआ था?

उत्तर : श्री अनन्तवीर्य जी मुनिराज

प्रश्न ५७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने नट की पुत्री से विवाह कर लिया था तथा फिर मुनि बन गये थे?

उत्तर : श्री शिवशर्मा जी मुनिराज

प्रश्न ५७७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अतिशय क्षेत्र बंधा जी के सूखे कुआं में मंत्र द्वारा पानी भर दिया था? उत्तर : श्री विमलसागर जी आचार्य

प्रश्न ५७८. वह कौन से मुनिराज थे, जो भगवान आदिनाथ के ८२वें गणधर थे?

उत्तर : श्री नन्दिमित्र जी मुनिराज

प्रश्न ५७६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें अन्तर मूहूर्त में केवल ज्ञान हुआ था?

उत्तर : श्री चक्रवर्ती जी मुनिराज

प्रश्न ५८०. वह कौन से मुनिराज थे, जो पल्लव वंश को राजा शिव स्कंद वर्मा के गुरू थे?

उत्तर : श्री कुन्द-कुन्द स्वामी जी

प्रश्न ५८१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि हमारी गुरु परम्परा में विधवा विवाह हुआ हो तो मैं मुनि पद छोड़ दूँगा?

उत्तर : श्री शान्तिसागर जी महाराज (दक्षिण)

प्रश्न ५८२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने गंगा नाम के सामन्त के अनुरोध पर ‘नन्नू ल’ नामक व्याकरण की रचना की थी? उत्तर : श्री बावनन्दि जी मुनिराज

प्रश्न ५८३. वह कौन से मुनिराज थे, जिन पर यशोमति राजा ने ५०० कुत्ते छोड़े थे?

उत्तर : श्री सदत्त मुनिराज

प्रश्न ५८४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने गोम्मटसार जीवकाण्ड पर मन्द प्रबोधि नामक संस्कृत टीका लिखी थी? उत्तर : श्री अभयचन्द्र जी मुनिराज

प्रश्न ५८५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने ‘परीक्षा मुख’ सूत्र पर १२,००० श्लोक प्रमाण ‘प्रमेय कमल मार्तण्ड’ नाम की बृहत्टीका लिखी?

उत्तर : श्री प्रभाचन्द्र

प्रश्न ५८६. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने चण्डवर्मा चाण्डाल को उपदेश दिया था?

उत्तर : श्री अकम्पन मुनिराज जी

प्रश्न ५८७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें अपनी मृत्यु का निमित्त महिला जान कर वैराग्य हो गया था?

उत्तर : श्री शिवशर्मा मुनिराज

प्रश्न ५८८. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका जन्म व मृत्यु महाशिव रात्रि को हुई थी?

उत्तर : आचार्य श्री आदिसागर जी मुनिराज (अंकलीकर) प्रश्न ५८६. वह कौन से मुनिराज थे, जो पंचमकाल के चौथे नम्बर के श्रुत केवली थे?

उत्तर : श्री गोवर्धन जी मुनिराज प्रश्न ५६०. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके केवल ज्ञान में 卐 उड़द की दाल निमित्त बनी थी?

उत्तर : श्री शिवभूति जी मुनिराज प्रश्न ५६१. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें पण्डित आशाधर जी ने पढ़ाया था? (कोई दो नाम) 卐

उत्तर : श्री उदयसेन जी महाराज एवं श्री वादीन्द्र जी मुनिराज

प्रश्न ५६२. वह कौन से मुनिराज थे, जो अवधि ज्ञानियों में 卐 अन्तिम मुनिराज थे?

उत्तर : श्री नाम श्रषि

प्रश्न ५६३. वह कौन से मुनिराज थे, जो गुलजार बाग (पटना) से मोक्ष पधारे?

उत्तर : श्री सुदर्शन मुनि (सेठ) प्रश्न ५६४. वह कौन से मुनिराज थे, जिनके प्रभाव से राजा ने हिरण को बाण से मारा और उसका धनुष टूट गया था? उत्तर : श्री अभयघोष मुनिराज

प्रश्न ५६५. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने कहा था कि 卐 ‘श्रीकृष्ण का विवाह रुक्मणी से होगा’? उत्तर : श्री अतिमुक्तक मुनिराज जी प्रश्न ५६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम ‘श्री जिनरात्रि व्रत कथा’ में आया है?

उत्तर : श्री विशाखनन्दि जी महाराज 卐 प्रश्न ५६७. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने अपने शिष्य से 卐 कहा था कि 'अच्छा तुम जाओ और अपना धर्म बेचो? 卐

उत्तर : श्री वीरभद्र जी मुनिराज 卐

प्रश्न ५६८. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने आहार के समय 卐 थाली में रखे जेवर व जेवरात की विधि ली थी? 卐

उत्तर : श्री शान्तिसागर जी महाराज (दक्षिण) 卐

प्रश्न ५६६. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका सम्मान चालुक्य 卐

卐राज गोविन्द तृतीय ने किया था? 卐

उत्तर : श्री अर्ककीर्ति जी मुनिराज 卐

प्रश्न ६००. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्होंने पक्षी के कान में 卐 卐

कमण्डलु लटका दिया था?

उत्तर : श्री मतिसागर जी महाराज 卐

प्रश्न ६०१. वह कौन से मुनिराज थे, जो ७०५६ पद्म वर्ष तक 卐 संयम काल में रहे थे? (कोई दो नाम) 卐

उत्तर : १. श्री भरत मुनिराज (चक्रवर्ती), २. श्री सागर मुनिराज (चक्रवर्ती)

प्रश्न ६०२. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें शिखर जी के 卐 卐

पहाड़ पर सिपाही भाला लेकर मारने आया थे? 卐

उत्तर : श्री महावीर कीर्ति जी मुनिराज 卐

प्रश्न ६०३. वह कौन से मुनिराज थे, जिनका नाम आकाश 卐

卐पंचमी व्रत कथा में आया है?

उत्तर : श्री सोमदत्त जी मुनिराज 卐

प्रश्न ६०४. वह कौन से मुनिराज थे, जिन्हें सुधर्म स्वामी के 卐 卐

मोक्ष जाते ही केवल ज्ञान हो गया था? 卐

उत्तर : श्री जम्बु स्वामी जी 卐

प्रश्न ६०५. वह कौन से मुनिराज थे, जो पाण्डव देश के राजा卐 कुण (सुन्दर) के गुरु थे?

उत्तर : श्री अमलकीर्ति जी

प्रश्न ६०६. वह कौन से मुनिराज (आचार्य) थे, जिन्होंने बनारस 卐में अपने आप को वैद्य, कवि, तान्त्रिक, आचार्य आदि कहा था?

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स्रोत: Gyata संग्रह।

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