उपघात और परघात नाम कर्म | Upghat Aur Parghat Naam Karm

नाखून न ही अंग होते हैं और न ही उपांग। किन्तु उपघात नामकर्म में प्रायः नाखून से अपने घात होने का उदाहरण दिया जाता है। जबकि गोम्मटसार कर्मकाण्ड की परिभाषा के तहत उपघात किसी अंग या उपांग के द्वारा ही होता है ―


नीचे दी गयी परघात की परिभाषा भी द्रष्टव्य हैं जहाँ परिभाषा में जब “नख” की बात आयी तो वहाँ फिर परिभाषा में “अंग” शब्द न लिखकर शरीर के अवयव शब्द का प्रयोग किया।
क्या ऐसा हो सकता है कि नख को उपघात अवयव में लिया ही न जाता हो? उचित विवेचना करे।

खोज: Upghat Aur Parghat Nam Karm

Bhayaa, is that been written in any scripture,or do we not include them as a body part commonly

I have googled the word ‘अवयव’, and its actually a synonym of ‘अंग’

नख, केशादि ये शरीर के अंग-उपांग में नहीं गिने जाते। उनमें आत्मा के
प्रदेश भी नहीं होते। जहाँ अंग-उपांग की चर्चा आती है वहाँ ये बताया ही जाता है।

अवयव का अर्थ चिन्ह-विशेष होता है। लेकिन, उपघात की परिभाषा में अंग शब्द प्रयोग किया और नीचे परघात में अवयव - इसलिए शंका हुई।