द्रव्य-क्षेत्र-काल-भाव का अविनाभावीपना

प्रमाणात्मक वस्तु के एकत्व को हम द्रव्य-क्षेत्र-काल-भाव का अविनाभावीपना समझते हैं| क्या शुद्धात्मा का एकत्व भी उसके द्रव्य-क्षेत्र-काल-भाव का अविनाभावीपना ही है? या फिर उसमें से किसी को खंडित करके भी उसकी एकता कायम रहती है|