श्रद्धा गुण का कार्य जो हमारे ख़याल में आता है वह है “यह ऐसा ही है, अन्यथा नहीं” ऐसी प्रतीति करना| क्या इस प्रतीति करनेवाले श्रद्धा गुण के कार्य में श्रद्धा गुण की पर्याय “यह ऐसा ही है, अन्यथा नहीं” ऐसा निर्णय लेती है? या “यह ऐसा ही है, अन्यथा नहीं” ऐसा निर्णय ज्ञान गुण की पर्याय लेती है और श्रद्धा उसपर सिर्फ अपनी मोहर छाप लगाती है?
ऐसा है, अन्यथा नहीं — यह ज्ञान गुण का कार्य है। क्योंकि यहाँ पर भेद की मुख्यता है। श्रद्धा का काम निर्विकल्प एकत्व करना है। लेकिन विभिन्न शास्त्रों में ज्ञान को श्रद्धा का उपचार दे दिया जाता है।