जय जिनेन्द्र
आगम में जो अभक्ष्य के चिन्ह बताए है उसमें केला का कोई चिन्ह नहीं है मूल में केला भक्ष्य है यहां पर तो अति आसक्ति के साथ लेता है तो कोई भी भक्ष्य वस्तु भी अभक्ष्य कहते है।